बचाव पक्ष के वकील जसपाल सिंह मझपुर ने मान सिंह व गुरदेव सिंह को लेकर एनआईए की तरफ से दिए गए सारे तर्कों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मान सिंह व गुरदेव मई 2017 से सेंट्रल जेल अमृतसर में आर्म्स एवं अनलॉफुल एक्टिविटी एक्ट के तहत बंद है। ऐसे में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाने वाले मामले में कैसे शामिल हो सकते हैं।
वहीं, मझपुर में गुरदेव सिंह की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। गुरदीप सिंह को केस में झूठा फंसाया गया है। वह जर्मन में रहने वाले गुरमीत सिंह का भाई और खालिस्तान समर्थक मूवमेंट का सदस्य है। उसे पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने काबू किया था।
वहीं बलवंत सिंह उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह, हरभजन सिंह एवं बलबीर सिंह सभी को चोहला साहिब तरनरतारन एरिया से काबू किया था। वहीं, पंजाब पुलिस ने दावा किया था खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के माध्यम से पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार आए थे। आरोपियों से काफी मात्रा में हथियार, पांच सेटेलाइट फोन, दो मोबाइल, दो वायरलेस सेट और नकली दस लाख रुपये की करंसी भी जब्त की गई है।