उत्तर भारत में शीत लहर का कहर जारी है, लेकिन चंडीगढ़ में लोगों को ठिठुरन से बचाने के लिए प्रशासन ने रैनबसेरे तैयार किए हैं। ताकि लोगों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी न पड़े। चंडीगढ़ में पड़ रही सर्दी अभी से रिकॉर्ड तोड़ की तैयारी में है। रोजाना मजदूरी कर पेट भरने वाले गरीब बेसहारा लोगों के लिए सर्द रातें बड़ी चुनौती बन गई हैं।
सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। चंडीगढ़ पीजीआई, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन, जीएमसीएच-32, आईएसबीटी-17 और 43 बस स्टैंड, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन और ट्रांसपोर्ट एरिया में हजारों लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन ने अब तक बेसहारा लोगों को सर्दी से बचाने के लिए रैन बसेरा तैयार कर दिए हैं। ताकि आश्रितों को सहारा मिल सके।
आश्रितों के ठहरने के लिए शहर में 10 जगहों पर बनाए नाइट शेल्टर
समाज कल्याण विभाग ने शहर में 10 जगहों पर रैन बसेरा लगाने की प्लानिंग की है। बताया जा रहा है कि 20 दिसंबर तक शहर में कुल 10 जगहों पर आश्रितों के लिए रैन बसेरा लगा दिए जाएंगे। इनमें से यूटी प्रशासन की ओर से अब तक पीजीआई, सेक्टर-9, जीएमसीएच-32, रेलवे स्टेशन के बाहर रैन बसेरा लगा दिए है। बाकी के रैन बसेरा लगाने का कार्य जारी है।
पीजीआई के आसपास जरूरतमंदों और मरीज के तीमारदारों को रात गुजारने की सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इस बात को देखते हुए पीजीआई के बाहर दो रैन बसेरा लगाने की प्लानिंग की गई है। इस बार जीएमसीएच-32 के बाहर भी मरीजों और तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। सेक्टर-16 की मार्केट में बनाया जाने वाला रैन बसेरा जीएमएसएच-16 में बनाया जा रहा है।
इसके अलावा सेक्टर-26 ग्रेन मार्केट, सेक्टर-19, सेक्टर-9 और कई अन्य दूसरी जगह भी रैन बसेरे बनाए जा रहे हैं। आईएसबीटी-17 पर नियमित तौर पर रैन बसेरा बना है। अमूमन इस रैन बसेरे में रुकने पर चार्ज लिया जाता है। लेकिन, दूसरे सभी रैन बसेरे शुरू होने के बाद इसे भी नि:शुल्क कर दिया जाएगा।
अभी कई मार्केट और पार्किंग में ऑटो-रिक्शा चालक और मजदूर रात गुजारते हैं। कुछ मार्केट के बरामदों में सोने को मजबूर हैं। इन सब लोगों की दिक्कतों के कारण ही प्रशासन जगह-जगह रैन बसेरे बना रहा है।