पंजाब में दोराहा के गांव राजगढ़ में मंगलवार सुबह दिल्ली से आई एनआईए की टीम ने गैंगस्टर राजवीर रवि के घर छापामारी की। गैंगस्टर के घर सुबह सुबह दबिश की सूचना मिलते ही सनसनी फैल गई। एनआईए की टीम ने आस-पास का कुछ एरिया सील कर दिया था ताकि उनकी जांच किसी तरह से प्रभावित न हो। गैंगस्टर रवि राज सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी संदिग्ध आरोपी है। इसके अलावा उस पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का जाली पासपोर्ट तैयार करवाने के साथ साथ उसे विदेश भेजने के लिए 25 लाख रुपये लुधियाना के ट्रांसपोर्ट मालिक को देने का केस भी है।
एनआईए की टीम इसके अलावा ओर भी कई मामलों में गैंगस्टर रवि राजगढ़ के घर जांच करने के लिए पहुंची थी। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इस समय एनआईए की टीम के पास रिमांड पर चल रहा है। उससे पूछताछ के बाद ही एनआईए की टीम दोराहा स्थित रवि राजगढ़ के घर पहुंची थी।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हुई पूछताछ के बाद एनआईए को कुछ इनपुट्स मिले थे। जिसके बाद एनआईए की टीम सुबह पांच बजे ही रवि राजगढ़ के घर पहुंच गई। टीम ने पूरा इलाका घेर लिया और गांव के सरपंच को साथ लेकर गैंगस्टर के घर पहुंची। गैंगस्टर रवि के माता-पिता से करीब 3 घंटे पूछताछ की गई और पूरे घर की तलाशी भी ली गई। रवि राजगढ़ पंजाब में ए कैटेगरी के गैंगस्टरों में से एक है। अनमोल बिश्नोई को विदेश भेजने के लिए ट्रांसपोर्ट मालिक को पैसे देने और उसी ट्रांसपोर्ट मालिक ने राजस्थान के जयपुर से अनमोल के लिए जाली पासपोर्ट तैयार करवाना था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद से ही रवि राजगढ़ फरार चल रहा है। वह लारेंस बिश्नोई गैंग का इस समय मुख्य सूत्रधार है। इसके अलावा यह बात भी सामने आ रही है कि एनआईए को सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में कुछ इनपुट्स मिले है। जिसे लेकर एनआईए की टीम रवि राजगढ़ के घर पहुंची थी ताकि वहां पता लगाया जा सके कि गैंगस्टरों और आतंकियों के बीच साठगांठ, ड्रग मनी और अन्य चीजों का पता लगाया जा सके।