पंजाब में अकाली भाजपा गठबंधन की सरकार के समय हुए करोड़ों रुपये के सिंचाई घोटाले की विजिलेंस ब्यूरो ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को इस मामले में समन दिए जाने के बाद भी पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों और पूर्व मुख्य सचिव सर्वेश कौशल विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर नहीं पहुंचे। पूर्व मंत्री की तरफ से विजिलेंस को मैसेज दिया गया है कि वह किसी जरूरी काम में व्यस्त हैं, ऐसे में वह शुक्रवार को विजिलेंस के समक्ष पेश हो जाएंगे। दूसरी तरफ पूर्व मुख्य सचिव की तरफ से कोई जवाब विजिलेंस को नहीं दिया गया है। विजिलेंस के एआईजी मनमोहन कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
विजिलेंस के एआईजी मनमोहन कुमार शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव को दोबारा नोटिस भेजेंगे। वहीं, उन्होंने साफ किया है कि अभी तक केस में किसी को नामजद नहीं किया है, अभी तक केवल पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक उनकी तरफ से पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्य सचिवी को मंगलवार केस की जांच में शामिल होने के लिए समन भेजे गए थे। साथ ही उन्हें यह चीज नोट भी करवाई गई थी। पूर्व मुख्य सचिव को व्हाटसएप भी किया गया था, ताकि वह समय से पहुंच पाए। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक पूर्व मुुख्य सचिव विदेश में है। उनकी तरफ से अभी तक समन का कोई जवाब नहीं दिया गया है। हालांकि विजिलेंस ने सिंचाई विभाग से इस संबंधी सारा रिकॉर्ड व उस दौरान हुए टेंडरों का रिकॉर्ड जुटा लिया है। केस की जांच के लिए स्पेशल टीमें तक गठित कर दी है।
ऐसे खुली थी इस केस की पोल
इस घोटाले का पर्दाफाश 2017 में उस समय हुआ था, जब राज्य में कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार बनी थी। उस समय विजिलेंस ने ठेकेदार गुरिंदर सिंह सहित तीन इंजीनियरों को गिरफ्तार किया गया था । पूछताछ में ठेकेदार गुरिंदर सिंह ने खुलासा किया था कि सिंचाई विभाग में काम लेने के लिए किसी तरह रिश्वत देनी पड़ती है। इस दौरान उसने तीन अधिकारियों व दो पूर्व मंत्रियों के नामों का खुलासा ?किया था। लेकिन कांग्रेस सरकार के समय यह जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी। जैसे ही राज्य में भगवंत मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो इस केस को दोबारा खोला गया। इस दौरान पहले पूर्व आईएएस काहन सिंह पन्नू से पूछताछ हुई थी। जबकि इसके बाद पूर्व मुख्य सचिव व पूर्व मंत्री को बुलाया था। जबकि एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी काहन सिंह पन्नू विजिलेंस के खिलाफ अदालत चले गए थे। ऐसे में उन्हें फिलहाल हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी।