अधिकारी ने कहा कि लांडा कनाडा से आतंकी-आपराधिक सिंडिकेट को संभाल रहा है। वह भगोड़ों व गैंगस्टरों को आश्रय व धन मुहैया कराने के अलावा प्रमुख सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तियों और पेशेवरों की हत्याओं की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है।
वहीं भोला और चीकू आरोप पत्रित आरोपी लॉरेंस बिश्नोई, अनमोल, काला जठेड़ी और उनके सहयोगियों अनिल छिप्पी और नरेश सेठी के करीबी सहयोगी हैं। वे हथियारों और ड्रग्स की तस्करी में शामिल हैं और लॉरेंस आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क को रसद और वित्तीय सहायता भी प्रदान करते हैं।
लॉरेस, बंबीहा और लांडा गैंग पर आतंक और जबरन वसूली की लहर फैलाने और प्रमुख जाने-माने सामाजिक व धार्मिक नेताओं, डॉक्टरों, व्यापारियों और पेशेवरों की लक्षित हत्याओं के साथ-साथ बड़े पैमाने पर जबरन वसूली, धमकी व आपराधिक साजिश रचने का आरोप है।
लखबीर सिंह लांडा पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के संपर्क में है। वहीं कनाडा, नेपाल और अन्य देशों में मौजूद खालिस्तान समर्थक तत्वों के साथ भी उसके संपर्क हैं। दूसरे पूरक आरोप पत्र में एनआईए ने बंबीहा गिरोह के नौ सदस्यों पर आरोप लगाए हैं। इनमें सुखदूल सिंह उर्फ "सुखा दुनेके", छेनू पहलवान, दलेर कोटिया, दिनेश गांधी और सनी डागर उर्फ 'विक्रम' का नाम शामिल है। सुखदूल और सनी आतंकी अर्शदीप डल्ला के प्रमुख सहयोगी हैं।
दिल्ली में एनआईए की विशेष अदालत ने डल्ला समेत सात आरोपपत्रित आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया। ये सभी संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, फिलीपींस और कनाडा समेत विदेशों से इन संगठित आतंक और अपराध सिंडिकेट के विभिन्न सरगनओं और गुर्गों के पूर्ण 'संचार और नियंत्रण केंद्र' के रूप में काम कर रहे हैं।
एनआईए ने कहा कि वे गायकों, उद्योगपतियों, राजनीतिक पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को धमकाने और आतंकित करने के लिए जेलों में बंद विभिन्न गिरोह के सरगनाओ के साथ मिलकर उनसे पैसे वसूलने की साजिश रच रहे हैं, यहां तक कि पैसे न देने पर उनकी हत्या तक कर रहे हैं। सातों भगोड़े गिरोह के फरार गुर्गों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करा रहे हैं। वहीं फिरौती व रंगदारी की रकम का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने और भारत में सक्रिय बंबीहा गिरोह समेत अन्य गैंग को रसद सहायता प्रदान करने में करते हैं।