हरियाणा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को कुपोषण से निपटने के लिए उत्कृष्ण कार्य करने पर पुरस्कृत किया गया है। आउटलुक पोषण अवार्ड-2019 की नीति और शासन (संस्थान) श्रेणी में एनएचएम हरियाणा को विजेता घोषित किया गया।
राज्य में व्हीट फोर्टिफिकेशन प्रोजेक्ट को क्रियान्वित करने के लिए एनएचएम ने पुरस्कार के लिए आवेदन किया था। विशेषज्ञों की ज्यूरी ने पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए एनएचएम को विजेता घोषित किया है। यह पुरस्कार स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा व हरियाणा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अमनीत पी. कुमार ने प्राप्त किया है।
राजीव अरोड़ा ने बताया कि हरियाणा ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की उपलब्धि के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। बच्चों के बीच कुपोषण के मुद्दे पर ध्यान देने, अंकुश लगाने और इसे दूर करने के लिए रणनीति पर चर्चा कर अनेक कदम उठाए हैं। 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए जीरो होम डिलीवरी अभियान शुरू किया गया है।
गंभीर रूप से एनीमिक महिलाओं में कमी आई है, इनकी संख्या 24 प्रतिशत से घटकर 5.2 प्रतिशत रह गई है। ‘हरियाणा न्यू बोर्न एक्शन प्लान’ चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के एनीमिया मुक्त भारत अभियान के दिशा-निर्देशों के अनुसार अटल अभियान के अंतर्गत एनीमिया मुक्त हरियाणा के लिए रणनीति तैयार की है।