नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदूषण फैलाने के आरोप में बहादुरगढ़ के बामनोली गांव में स्थापित प्लास्टिक फैक्टरी पर करीब एक करोड़ 14 लाख 12 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। एनजीटी ने यह आदेश प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर सुनाया है।
इस मामले में एक शिकायतकर्ता में एनजीटी में शिकायत दी थी कि फैक्टरी अवैध है और प्रदूषण फैला रही है। एनजीटी ने इस मामले में बोर्ड को फैक्टरी का दौरा करने और उसकी एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। एनजीटी के आदेश के मुताबिक बीते 14 दिसंबर को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने फैक्टरी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया गया कि यूनिट में प्लास्टिक चिप्स की धुलाई होती है। प्रदूषण बोर्ड के दिशा-निर्देश के मुताबिक यह यूनिट ऑरेंज श्रेणी में आती है। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक यूनिट प्रदूषण बोर्ड की बिना अनुमति संचालित हो रही थी।
प्लास्टिक की धुलाई से निकले कचरे के लिए कोई ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं था। साथ ही प्लास्टिक चिप्स की धुलाई से निकले कचरे को पास की नाली में बहाया जा रहा था। बोर्ड ने फैक्टरी के कचरे का सैंपल भर उसे फरीदाबाद स्थित बोर्ड की प्रयोगशाला में भिजवाया, जहां बीओडी, सीओडी और टीएसएस पैरामीटर निर्धारित मानदंड से अधिक मिले। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने फैक्टरी पर एक करोड़ 14 लाख 12 हजार रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया है।