सेक्टर-26 व विकास नगर में 165 को लगा टीका
जीएमएचएस विकासनगर व जीएमएसएसएस सेक्टर 26 टिंबर मार्केट में तैनात मोबाइल टीम ने 165 बच्चों को टीका लगाया। इन दोनों जगहों पर सुबह से ही टीका लगवाने के लिए बच्चों के आने का क्रम जारी रहा। यहां पर स्कूल के विद्यार्थियों के साथ आसपास की बस्तियों व मोहल्लों से आने वाले बच्चों को भी टीका लगाया जा रहा था।
45 हजार का लक्ष्य करना है पूरा
अभियान के छठे चरण में 45 हजार लाभार्थियों को टीका लगवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 2764 बच्चों को पहली खुराक लगाई गई है। इन्हें अब 28वें दिन टीके की दूसरी खुराक लगाई जाएगी। विभाग के सामने लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल का सबब बनता जा रहा है।
परीक्षा खत्म होने का इंतजार
अभियान में सबसे बड़ी समस्या मौजूदा समय में स्कूलों में चल रही परीक्षा के रूप में सामने आ रही है। टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि परीक्षा के कारण बच्चे पहले से ही काफी तनाव में हैं, इसलिए उन पर टीका लगवाने का अतिरिक्त दबाव नहीं बनाया जा रहा। अभियान की सफलता के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग रणनीति तैयार कर रहा है।
दूसरे दिन 26 केंद्र कर दिए बंद
अभियान में पहले ही दिन स्थिति बेहद निराशाजनक रही। 16 मार्च को 32 टीकाकरण केंद्रों पर महज 37 बच्चों ने टीका लगवाया था। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अगले दिन 32 में से 26 केंद्रों को बंद करना पड़ा था। टीकाकरण केंद्रों की संख्या ज्यादा होने पर टीके के नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी। कम से कम केंद्रों का संचालन कर नुकसान को कम किया जा सकता है।
परिणाम वाले दिन करेंगे जागरूक
डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि परीक्षा परिणाम वाले दिन स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उम्मीद है कि अप्रैल के पहले हफ्ते तक सभी स्कूलों में परीक्षा संपन्न हो जाएगी। कोशिश रहेगी कि परिणाम वाले दिन बच्चों के साथ अभिभावकों से भी टीकाकरण को लेकर बात की जाए, ताकि उनके मन में टीकाकरण को लेकर उठने वाले सवालों की जिज्ञासा को शांत किया जा सके।
16 से 25 मार्च तक की स्थिति
- दिन लाभार्थी
- 16 मार्च 37
- 17 मार्च 91
- 18 मार्च 00
- 19 मार्च 203
- 20 मार्च 100
- 21 मार्च 128
- 22 मार्च 00
- 23 मार्च 626
- 24 मार्च 707
- 25 मार्च 462
मोबाइल टीम की भी है सुविधा
छठे चरण में टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन 8 मोबाइल टीमों का संचालन कर रहा है। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक मौके पर आने वालों को टीका लगाया जा रहा है। मोबाइल टीम प्रतिदिन सुखना लेक, जीएमएसएसएस सेक्टर-32, जीएमएचएच विकासनगर, जीएमएसएसएस मनीमाजरा टाउन, जीएमएचएस करसन, जीएमएसएसएस 38 वेस्ट, जीएमएसएसएस 26 टिंबर मार्केट और जीएमएचएस सेक्टर 39 पर जा रही है।
बच्चों से बातचीत
मेरे किसी भी दोस्त ने अभी टीका नहीं लगवाया है, लेकिन मुझे टीका लगवाना था। मैंने अपने पिता से वादा भी लिया था कि वह मुझे वैक्सीन लगवाने जाएंगे। मेरे माता-पिता ने जब वैक्सीन लगवाई थी, तबसे इंतजार था कि कब मेरा नंबर आएगा। अगली खुराक के लिए मैंने तारीख नोट कर ली है। -आर्युमन जैन, सेक्टर-18
अब अपनी सुरक्षा के लिए जिद भी जरूरी
वैसे तो शौक पूरा करने के लिए अपने माता-पिता से जिद करते हैं, लेकिन इस बार अपनी सुरक्षा की भी जिद की। मुझे वैक्सीन को लेकर कोई डर नहीं था, बल्कि इसके लिए उत्साह था। अन्य साथियों को भी इसके लिए कहा है, यह कवच है हमारे बचाव का इसलिए आज टीका लगवाकर काफी खुश हूं। -सचिन मल्होत्रा, मोहाली
मुझे काफी पहले से टीका लगवाने का इंतजार था। अभियान के पहले ही दिन टीका लगवाया। अब मुझे खुशी है कि टीका लगवाकर सुरक्षा चक्र के घेरे में आ चुकी हूं। अपनी उम्र के सभी दोस्तों से कहना चाहती हूं कि वे भी जल्द से जल्द टीका लगवा कर खुद को सुरक्षित कर लें। - सौम्या वर्मा
सरकार को धन्यवाद देती हूं कि हम बच्चों के लिए टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई। अब बारी हमारी है कि हम जल्द से जल्द टीका लगवाकर इस अभियान को सफल बनाएं, ताकि कोरोना वायरस से बचाव किया जा सके। भ्रम और कही सुनी बातों पर ध्यान न दें। -दिलनूर
बच्चों को वैक्सीन लगवाने में लग रहा डर
बच्चों को वैक्सीन लगवाने का अभी कोई विचार नहीं बनाया है, क्योंकि वैक्सीन प्रमाणित नहीं है, जल्दी में बनी है। वयस्कों में भी वैक्सीन के बाद कई लोगों में इसके विपरीत प्रभाव देखे गए, मौतें भी हुईं। ऐसे में बच्चों के साथ जोखिम नहीं लेना चाहते। -नितिन गोयल, अभिभावक
परीक्षा के बाद लगवाएंगे टीका
अभी दोनों बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। अगर कोरोना का टीका लगाने के बाद शरीर दर्द या बुखार आता है तो बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होगा। अगले हफ्ते परीक्षा खत्म होने के बाद टीका लगवाने का सोच रहे हैं। -मनीष सोनी, अभिभावक
बच्चों को टीकाकरण के लिए कर रहे प्रेरित
बच्चों को टीकाकरण के लिए शिक्षक प्रेरित कर रहे हैं। 12-14 उम्र साल के स्कूल में 416 बच्चे हैं। छात्रों की परीक्षा के बाद वे अभी घर पर ही हैं, इसलिए डाटा नहीं है कि कितने बच्चों का टीकाकरण हो चुका है। अप्रैल में बच्चों के स्कूल लौटने पर ही टीकाकरण का सही आंकड़ा मिल पाएगा। -नियति चितकारा, निदेशक, चितकारा स्कूल
अभिभावकों के साथ बैठक कर दी जानकारी
अभी परीक्षाओं के बाद स्कूल बंद हो गया है। 4 अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा। परीक्षाओं के बाद अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें बच्चों का टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया गया था ताकि छुट्टियों के बाद बच्चे टीकाकरण करवाकर स्कूल में आएं। - नीना पांडे, प्राचार्य, गुरुकुल स्कूल
महामारी से बचाव के लिए 12 से 14 साल के बच्चों का भी टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण केंद्रों की स्थापना के साथ मोबाइल टीम का संचालन भी कर रहा है। विभाग के पास बच्चों को लगाए जाने वाले टीके का स्टॉक लक्ष्य से ज्यादा मात्रा में उपलब्ध है। अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों को जल्द से जल्द टीका लगाकर सुरक्षा कवच प्रदान करें। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
परीक्षा के बाद चलाएंगे जागरूकता अभियान
अभी स्कूलों में 12 से 14 साल के बच्चों में टीकाकरण का रुझान कम है। इसका कारण स्कूलों में बच्चों की चल रही परीक्षाएं हैं। इस वजह से टीकाकरण के लिए अधिक नहीं बोल रहे हैं। बच्चों को टीके के बाद अगर बुखार आता है तो उनकी परीक्षा प्रभावित हो सकती है। परीक्षाएं खत्म होने के बाद अभिभावकों और बच्चों के लिए टीकाकरण जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। - प्रभजोत कौर, डीईओ, यूटी