चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की विभिन्न आवासीय योजनाओं के सफल अलॉटियों को जल्द ही सीएचबी के पास सर्विस टैक्स के तौर पर 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये जमा कराने होंगे।
सीएचबी ने वर्ष 2007 के बाद जिन मकानों को लीज होल्ड पर अलॉट किया था, उनसे अब सीएचबी सर्विस टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही सीएचबी अलॉटियों को नोटिस भेजकर फ्लैट की कैटेगरी के हिसाब से उनसे सर्विस टैक्स जमा कराने को कहेगा।
ऐसे में सीएचबी के 2500 से अधिक अलॉटियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है। सीएचबी बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स सर्विस टैक्स वसूलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा चुका है।
जानकारी के मुताबिक सेंट्रल एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने सीएचबी को लीज होल्ड प्रापर्टी से हुई आय पर सर्विस टैक्स जमा कराने को कहा था।
सीएचबी ने वर्ष 2007 के बाद सेक्टर-51 और 63 में आवासीय योजनाएं लांच की थीं। हालांकि इन सेक्टरों में आवासीय योजनाओं का प्रोजेक्ट अभी पूरा नहीं हो पाया है, लेकिन सीएचबी इन योजनाओं के सफल अलॉटियों से सर्विस टैक्स वसूलेगा।
हालांकि जेएनएनआरयूएम के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बने फ्लैटों के अलॉटियों को राहत दे दी गई है। एक तरफ जहां सीएचबी आवासीय योजनाओं के अलॉटियों से सर्विस टैक्स वसूलेगा, वहीं सीएचबी की ओर से 1 जुलाई, 2007 के बाद जो कामर्शियल प्रापर्टी की नीलामी की गई है उस पर भी 12.36 प्रतिशत प्रति वर्ष के हिसाब से सर्विस टैक्स वसूला जाएगा।
सीएचबी पर 9.65 करोड़ था बकाया
सीएचबी पर पिछले पांच सालों का 9.65 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स बकाया था। ये राशि अक्तूबर 2007 से दिसंबर 2012 तक की थी। वित्त मंत्रालय की वीसीईएस स्कीम के तहत सीएचबी ने सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स, चंडीगढ़ में आवेदन कर बकाया सर्विस टैक्स जमा कराने की बात कही थी। सीएचबी ने यह बकाया राशि को दो किश्तों में चुकाने की बात कही थी। सीएचबी ने यह राशि जमा करा दी है और अब सीएचबी इसे अलॉटियों से वसूलेगा।