पंजाब पुलिस के डीएसपी केएस संधू।
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दिल्ली से भाजपा युवा नेता तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी में शुक्रवार को पूरे दिन बवाल मचा रहा। वहीं अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। पंजाब पुलिस ने बग्गा को गिरफ्तार करने के लिए जिस डीएसपी को भेजा था, वह दागी है और उसके नशा तस्करों से संबंध हैं। यह दावा भाजपा नेता मनजिंदर सिरसा ने किया है। सिरसा ने कई ट्वीट कर कहा कि नाम को बदलने से किसी व्यक्ति के अतीत और कुख्यात कार्यों में बदलाव नहीं आता है। बग्गा को गिरफ्तार करने आए केएस संधू वही कुलजिंदर सिंह हैं जिनका अतीत बदनाम है।
सिरसा ने कहा कि भोला ड्रग केस के मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह के कहने पर ही कुलजिंदर को मोहाली का डीएसपी लगाया गया। सरबजीत पुलिस से बर्खास्त हो चुका है और कई राज्यों में वांछित है। इस समय वह जेल में है और उसके खिलाफ नशा तस्करी के करीब छह केस चल रहे हैं। तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के साथ हुई सरबजीत की बातचीत के एक लीक ऑडियो में दावा किया गया था कि उसे कुलजिंदर पर पूरा भरोसा है।
वह कोई भी अवैध ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है। सिरसा ने एक अखबार के हवाले से कहा कि तस्कर सरबजीत पंजाब के तत्कालीन डीजीपी चट्टोपाध्याय को कहा था कि कुलजिंदर सिंह को मोहाली में डीएसपी तैनात करो। सिरसा ने कहा कि पंजाब की आप सरकार ने गिरफ्तारी के अवैध ऑपरेशन को अंजाम देने और अपने राजनीतिक विरोधियों को सबक सिखाने के लिए कुलजिंदर सिंह का इस्तेमाल किया।