पंजाब सरकार द्वारा मुल्लांपुर में बसाए जा रहे न्यू चंडीगढ़ में कई चीजे बिल्कुल पुराने चंडीगढ़ की तर्ज पर रहेंगी। चंडीगढ़ की तरह नए चंडीगढ़ में भी सेक्टर 13 नहीं बसाया जाएगा।
यह फैसला हाल ही में सरकार द्वारा न्यू चंडीगढ़ के मास्टर प्लान को लेकर हुई मीटिंग में लिया गया। इसमें न्यू चंडीगढ़ के एरिया को सेक्टरों में बांट दिया गया है।
साथ ही लोगों से इस बारे में सुझाव मांगे गए हैं। लोग पुडा भवन में जाकर अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद इस बारे में आखिरी फैसला ले लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने करीब पांच साल पहले न्यू चंडीगढ़ को बसाने की दिशा में काम शुरू कर किया था। इलाके का पहले ही मास्टर प्लान बना हुआ था।
राज्य सरकार न्यू चंडीगढ़ को मॉडल सिटी के रूप में विकसित करने जा रहा है। यहां मेडीसिटी व एजुकेशन सिटी बसाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है।
इसके बाद अब उक्त इलाके को सेक्टरों में बांटने का काम किया गया है। लेकिन मोहाली में जहां सेक्टरों के नंबर खत्म हो रहे हैं। उससे आगे के नंबर न्यू चंडीगढ़ में नहीं दिए गए हैं।
शुरू से सेक्टरों के नंबर दिए गए है। इसमें एक से 21 तक सेक्टर रखे गए हैं। वहीं, सेक्टर-17 को सिविक सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। हालांकि, उसकी लोकेशन में बदलाव किया गया है।
उसे 200 फुट चौड़ी सड़क से थोड़ा आगे रखा गया है। इसके अलावा जयंती की रांव चो में 95 एकड़ जगह में लेक बनाई जाएगी। उसके आगे इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, छह हेक्टेयर में सरकारी अस्पताल, 4.5 हेक्टेयर में इंटर स्टेट बस टर्मिनल और दस हेक्टेयर कल्चरल सेंटर विकसित किया जाएगा।
सिविक सेंटर में सरकारी दफ्तर और रिहायशी एरिया बसाने का भी प्रावधान है। इसके अलावा फ्लोर रेश्यो को भी बढ़ाया गया है। साइंस पार्क, बिजनेस पार्क और आरएंडडी पार्क बसाने की योजना भी है। इसके अलावा अति आधुनिक संस्थान वहां लाए जाएंगे।
दोनों का नींव पत्थर भी प्रधानमंत्री ने रखा
न्यू चंडीगढ़ और पुराने चंडीगढ़ में एक और बड़ी समानता है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उक्त शहर का नींव पत्थर रखा था। तो न्यू चंडीगढ़ में स्थापित होने जा रहे पहले प्रोजेक्ट मेडिसिटी के कैंसर अस्पताल का नींव पत्थर भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रखा है।