नगर निगम ने आखिर प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वालों पर शिकंजा कस दिया है।नगर निगम की टीम ने प्रॉपर्टी टैक्स न भरने पर एक सिंगल स्टोरी शॉप को सील कर दिया।
दूसरी शॉप के किराएदार ने मौके पर ही पूरी रकम का चेक देकर अपनी जान छुड़ाई। निगम ने साफ कर दिया है कि अब प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों से सख्ती से निपटा जाएगा।
निगम ने कई कॉमर्शियल साइट्स के मालिकों को कई बार नोटिस भेजे, पर उन्होंने टैक्स नहीं जमा कराया। निगम के नोटिसों के जवाब तक नहीं दिया।
इसके बाद पिछले दिनों निगम ने सभी डिफॉल्टरों की साइट पर जाकर फाइनल नोटिस चिपका कर साइट सील करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी फेज 3बी2 मार्केट के दो साइट मालिकों ने प्रॉपर्टी टैक्स नहीं जमा कराया।
वीरवार को सुपरिंटेंडेंट भीमसेन की अगुवाई में तहबाजारी विंग और अन्य मुलाजिम फायर टेंडर लेकर फेज 3बी2 मार्केट पहुंचे। निगम ने यहां के 130 और 134 नंबर सिंगल स्टोरी शॉप सील करनी थी।
पहले निगम अधिकारी 134 नंबर में गए, जहां फैशन वर्ल्ड चल रहा है। फैशन वर्ल्ड के मालिक से कहा कि पांच मिनट में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा दो वरना दुकान सील कर दी जाएगी।
उसने दलील दी कि वह किराएदार है, टैक्स तो मकान मालिक ने जमा कराना है। इस बीच निगम अधिकारी 130 नंबर पहुंचे। वहां एक बेकरी खुलनी है, फिटिंग का काम चल रहा था।
अधिकारियों ने कारपेंटर और मजदूरों को दुकान से बाहर निकाला और शॉप को आगे और पीछे दोनों तरफ से सील कर दिया। इसके बाद वे फिर 134 नंबर शॉप में गए तो किराएदार ने प्रॉपर्टी टैक्स की बनती रकम 1.35 लाख रुपये का चेक अपनी ओर से दे दिया।
तब यह शॉप सील नहीं की गई। अधिकारियों ने शॉप के मालिक से फोन पर बात कर उसे आगाह किया कि अगर सोमवार तक उसने निगम दफ्तर में टैक्स नहीं जमा कराया तो यह चेक लगा दिया जाएगा।
इस बीच 130 नंबर शॉप का मालिक भी पहुंच गया। अधिकारियों ने उसे कहा कि अब तो कार्रवाई हो चुकी है। वह निगम दफ्तर पहुंच कर बनता प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा दे।
तभी उसे राहत मिल सकेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में मार्केट के दुकानदार भी जमा हो गए थे। गौरतलब है कि कई नोटिसों के बाद निगम ने फाइनल नोटिस चिपकाए थे, उसके बाद भी इन दुकानदारों ने टैक्स नहीं जमा कराया। तब निगम कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने सीलिंग के आदेश दिए।
अब 32 और साइट्स को दी जाएगी फाइनल वार्निंग
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर सख्त रवैया अपना लिया है। अब दूसरे चरण में शहर की 32 और कॉमर्शियल साइट्स को टैक्स भरने के लिए फाइनल वार्निंग नोटिस दिए जाएंगे।
अगर इन्होंने टैक्स न जमा कराया तो इनके परिसर भी सील किए जाएंगे। अभी भी शहर में काफी साइट्स का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पड़ा है। 2013-14 का करीब सोलह करोड़ टैक्स आ चुका है, लेकिन चार करोड़ बकाया है। जबकि, 2014-15 का अब तक सिर्फ आठ करोड़ रुपये टैक्स आया है।
इससे भी ज्यादा बकाया पड़ा है। टैक्स वसूली में रेजिडेंशियल साइट्स में समस्या नहीं आ रही है। निगम को कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल साइट्स से वसूली में दिक्कत आ रही है। कई यूनिट बंद पड़ी हैं, उनके मालिकों का भी पता नहीं है।
10 प्रॉपर्टी से आया 17 लाख टैक्स
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के अभियान के पहले चरण में 12 कॉमर्शियल साइट्स के मालिकों को पिछले दिनों फाइनल नोटिस दिए थे। जोकि उनकी दुकानों पर चिपकाए गए थे।
इनमें सभी मार्केटों में स्थित दुकानें शामिल थीं। इनमें से 10 साइट मालिकों ने नोटिसों के बाद प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा दिया। जिससे निगम को 17 लाख रुपये की आय हुई है। बाकी दो के खिलाफ वीरवार को निगम टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी।