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नीट - ऑल इंडिया में 15वीं अंक हासिल कर गुरकीरत बनें ट्राईसिटी टॉपर

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चंडीगढ़। नेशनल एलिजिबिल्टी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) का परिणाम शुक्रवार रात जारी हुआ। प्रवेश परीक्षा में गुरकीरत सिंह ने ट्राइसिटी टॉप किया है। उन्होंने 720 में से 710 अंक हासिल किए हैं। वे मूल रूप से सिरसा के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने पढ़ाई चंडीगढ़ से की है।
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वहीं कालका निवासी तरुण चौधरी ने ऑल इंडिया 201वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने 720 में से 692 अंक हासिल किए हैं। तीसरे स्थान पर पीजीआई दंपती की बेटी मारिया रही हैं। उन्होंने नीट की परीक्षा में कुल 695 अंक हासिल कर 254वीं रैंक पाई है। वहीं 359वीं रैंक पाकर कमीक्षा ट्राइसिटी में चौथे स्थान पर रही हैं। पांचवें स्थान पर डेंटल सर्जन की बेटी एहसास रही हैं। उन्होंने 686 अंक प्राप्त कर 366वीं रैंक हासिल की है।
बोरियत होने पर भंगड़ा डालते थे
ट्राइसिटी टॉपर व ऑल इंडिया में 15वीं रैंक हासिल करने वाले गुरकीरत सिंह ने अपनी पढ़ाई सेक्टर-37 स्थित सेंट पीटर्स स्कूल से पूरी की है। सेक्टर -16 में रहकर उन्होंने नीट की तैयारी की है। उन्हें डॉक्टर बनने की प्रेरणा अपनी बहन नवप्रीत कौर से मिली हैं। वे भी एमबीबीएस कर रही हैं। मूलरूप हरियाणा के सिरसा निवासी गुरकीरत ने बताया कि 11वीं क्लास में पहुंचते ही उन्होंने अपना पूरा फोकस नीट की तैयारियों पर कर दिया था। वे खेल में भी काफी आगे रहे हैं। स्कूल की बैडमिंटन व फुटबाल की टीम के सदस्य रहे हैं। उन्हें भंगड़ा पसंद हैं। तैयारियों के दौरान जब वे कभी बोर होते थे तो भंगड़ा डालते थे। नीट की तैयारी के लिए वे 12 घंटे की पढ़ाई करते थे। वे पढ़ाई का रोज अपना एक लक्ष्य करते थे। जब तक वे उसे पूरा नहीं कर लेते थे, तब तक वे नहीं सोते थे। वे न्यूरोसर्जन बनना चाहते हैं। उनके पिता सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि मां इकबाल कौर विज्ञान की शिक्षिका हैं।
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जनरल मेडिसिन के डाक्टर बनना चाहते हैं तरुण
मूल रूप से कालका के निवासी तरुण चौधरी ने नीट में ऑल ओवर इंडिया में 201वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अपनी पढ़ाई सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की है। अमर उजाला से बातचीत में तरुण ने बताया कि उनका बचपन से सपना था कि वे डॉक्टर बनें। वे चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं। वे अपना कॅरिअर जनरल मेडिसिन में बनाना चाहते हैं। तरुण के पिता हंसराज चौधरी व्यवसायी और माता सीमा गृहणी हैं। वे रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई करते थे। समय निकालकर वे कभी-कभी क्रिकेट भी खेलते थे।
पीजीआई की डॉक्टर दंपती की बेटी ने किया नाम रोशन
पीजीआई के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के जाने-माने डॉक्टर व शोधकर्ता डॉक्टर जोसेफ मैथ्यू व पीजीआई के ही एनस्थीसिया विभाग की डॉक्टर प्रीति मैथ्यू की बेटी मारिया मैथ्यू ने नीट में 254वीं रैंक हासिल की है। मारिया ने कुल 695 अंक हासिल किए हैं। मारिया को डॉक्टर बनने की प्रेरणा उनके माता-पिता से ही मिली। सेक्टर-38 में रहने वाली मारिया नीट परीक्षा के लिए वे रोजाना 8 से 10 घंटे देती थी। उन्होंने बताया कि उनका बचपन से ही सपना रहा है कि वह डॉक्टर बने।
कालका के एसडीएम की बेटी ने बढ़ाया मान
सेक्टर-27 की रहने वाली कमीक्षा ने नीट में 359वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने 720 में से 686 अंक हासिल किए हैं। उनके पिता राकेश संधू कालका में एसडीएम हैं, जबकि मां भारती पंचकूला के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। सेक्टर-27 शिशु निकेतन पब्लिक स्कूल की छात्रा कमीक्षा ने बताया कि बायोलॉजी में 350 व फिजिक्स में 170 अंक हासिल किए हैं। वह जीएमसीएच-32 से ही एमबीबीएस करना चाहती हैं। नीट की तैयारी के लिए वे रोजाना लगभग 5-6 घंटे पढ़ाई को देती थीं।
लॉकडाउन में आ गई थीं तनाव, फिर भी हिम्मत नहीं हारी
सेक्टर-8 पंचकूला की रहने वाली एहसास ने नीट में 366वीं रैंक हासिल की है। उनकी मां डॉ. नीतू फोर्टिस हास्पिटल में डेंटल सर्जन हैं, जबकि पिता हाईकोर्ट में वकील हैं। एहसास ने बताया कि कोरोना से पहले वे रोजाना 6-7 घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन लॉकडाउन लगने से वे तनाव में आ गईं। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिर से पढ़ाई में जुट गईं। एहसास न्यूरोसर्जन बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि सफलता के लिए कठिन परिश्रम के साथ रोजाना अपने लक्ष्य पर काम करना जरूरी है।
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