चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 की ओपीडी 7 महीने बाद सोमवार से शुरू हो जाएगी। प्रशासक के आदेश के बाद शुक्रवार को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल व उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परमजीत सिंह के नेतृत्व में पूरे दिन ओपीडी शुरू करने संबंधी तैयारियां चलती रहीं। इसके अंतर्गत ओपीडी में सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार मरीजों के बैठने की व्यवस्था करने के साथ ही जगह-जगह कोरोना से बचाव संबंधी जानकारी से जुड़ी सूचनाएं चस्पा की गईं। डॉक्टरो के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बैठक कर इससे जुड़ी कार्य योजना पर चर्चा की गई।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। सोमवार से ओपीडी के साथ ही सर्जरी भी शुरू की जाएगी। इससे काफी समय से इंतजार कर रहे मरीजों को इलाज मुहैया किया जा सके।
एक विभाग में 80 मरीजों का होगा पंजीकरण
अस्पताल की प्रत्येक ओपीडी में 70 से 80 मरीजों का पंजीकरण किया जाएगा जिससे एक बार में एक जगह पर ज्यादा भीड़ एकत्रित न की जा सके और तय समय में मानकों का पालन करते हुए मरीजों को उचित इलाज दिया जा सके। व्यवस्था ठीक रही तो मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। पंजीकरण सुबह 9 बजे से 11 बजे तक होगा और ओपीडी 3 बजे तक चलेगी।
मानकों की अनदेखी पड़ेगी भारी
ओपीडी में कोरोना से बचाव के मानकों की अनदेखी करने वाले लोगों पर कार्यवाही की तैयारी की गई है। डॉ. कंग ने बताया कि ऐसे मरीजों व उनके परिजनों पर सुरक्षाकर्मियों की विशेष नजर रहेगी। जो भी व्यक्ति बिना मास्क के या सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों की अनदेखी करता हुआ पाया गया, उसे तत्काल अस्पताल से बाहर कर दिया जाएगा क्योंकि कुछ लोगों की जरा-सी लापरवाही बहुत लोगों को संक्रमण का शिकार बना सकती है।
आंख, दांत व ईएनटी के मरीजों को थोड़ा और इंतजार
आंख, दांत व ईएनटी के मरीजों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। डॉ. कंग ने बताया कि इन 3 विभागों की ओपीडी कुछ दिनों बाद शुरू की जाएगी क्योंकि अचानक से सभी ओपीडी खोल देने पर मरीजों का दबाव तेजी से बढ़ जाएगा। अभी इन विभागों से जुड़े गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में तत्काल इलाज मुहैया कराए जाने की व्यवस्था की गई है।