चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) अब सालों से खाली पड़े बूथों को किराए पर दे सकेगा, लेकिन यह बूथ सिर्फ बैंकों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) या किसी सरकारी विभाग को ही दिए जाएंगे।
इस बूथ का किराया और अन्य नियम व शर्तें सीएचबी अधिकारियों की कमेटी तय करेगी। यह फैसला बुधवार को सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया।
सीएचबी के चेयरमैन सत्यगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हुआ कि प्राइवेट पार्टी को किराए पर बूथ नहीं दिए जाएंगे।
सीएचबी के पास कुछ बैंकों और अन्य सरकारी संस्थानों के आवेदन आए थे, जिसमें उन्होंने सीएचबी से खाली बूथों को किराए पर देने की मांग की थी। शहर के विभिन्न सेक्टरों में सीएचबी के 143 बूथ खाली पड़े हैं और इन बूथों के लिए सीएचबी को लंबे समय से खरीददार नहीं मिल रहे हैं।
सीएचबी के 70 बूथ मनीमाजरा में खाली हैं जबकि 24 बूथ सेक्टर-51 ए और 8 बूथ सेक्टर-49 बी में खाली हैं। कजहेड़ी, सेक्टर-40 ए और सेक्टर-38 वेस्ट में भी सीएचबी के बूथ खाली पड़े हैं।
बैठक में सीएचबी के कर्मचारियों की पेंशन योजना को मंजूरी दे दी गई। बोर्ड के कर्मचारियों के लिए नई कंट्रीब्यूटरी पीएफ पेंशन योजना शुरू होनी है और इसके लिए पेंशन फंड बनाया जाना है, जिसमें कर्मचारियों की ओर से अपने हिस्से का सीपीएफ जमा कराया जाएगा।
यह पेंशन योजना उन कर्मचारियों के लिए होगी, जिन्होंने एक जनवरी 2004 के बाद ज्वाइन किया है। सीएचबी बोर्ड की पिछली बैठक में भी यह प्रस्ताव आया था, लेकिन इस बैठक में पेंशन योजना में संशोधन करने को कहा गया था।
बुधवार की बैठक में इस संशोधन को स्वीकृति दे दी गई। अब इसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बैठक में सीएचबी की बैलेंस शीट को स्वीकृति दे दी गई। यह भी तय किया गया कि सीएचबी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रशासन के कर्मचारियों की तर्ज पर मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी।