प्रदेश के सिंचाई विभाग के कर्मचारियों (पटवार नहर संगठन के सदस्य) ने बुधवार को अपनी मांगों के साथ सेक्टर-5 में धरना दिया और दोपहर बाद चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ओएस दून से मिलने चंडीगढ़ की ओर रवाना हुए।
पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कर्मचारी वहीं एक घंटे तक धरने पर बैठ गए। इससे चंडीगढ़ के हाउसिंग बोर्ड के नजदीक चंडीगढ़-पंचूकला बॉर्डर से तीन से चार बजे तक यातायात संचालन बंद रहा।
प्रदर्शनकारियों के बारे में सूचना पाकर मुख्यमंत्री के ओएसडी आरएस बेरी मौके पर पहुंचे और पटवार नहर संगठन के सदस्यों से मिलकर उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि वीरवार को पटवारियों के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरएस दून से मिलवाया जाएगा और वहां होने वाली बातचीत के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। उधर, प्रदर्शनकारियों के मूड को देखते हुए पंचकूला और चंडीगढ़ के करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
वहीं, पटवार नहर संगठन के प्रधान धर्मबीर सिंह खरब ने बताया कि पटवारियों द्वारा की जा रही मांगों की वर्षों से अनदेखी की जा रही है। वीरवार को होने वाली मीटिंग के बाद भी अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता है तो अगली रणनीति तय की जाएगी।
ट्रैफिक डायवर्ट
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड से पंचकूला की ओर आने वाले ट्रैफिक को बंद किए जाने की वजह से लोगों को पंचकूला आने के लिए सेक्टर 6/7 की डिवाइडिंग सड़क का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं, पंचकूला से हाउसिंग बोर्ड की ओर जाने वाले लोगों को रूट बंद होने के कारण मौलीजागरां की ओर से चंडीगढ़ जाना पड़ा।
ये हैं मांगें
- पटवारियों को नियमित किया जाए
- सिंचाई विभाग के पटवारियों को राजस्व पटवारियों की तरह 24 हजार रुपये ग्रेड पे दिया जाए
- पटवारखाना भत्ता 1500 और स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये दिए जाएं