नदी में फंसे नंद किशोर और सिकंदर चौधरी ने बताया कि वे कबाड़ का काम करते हैं। बारिश के चलते उन्होंने अपने काम से छुट्टी कर ली। इसके बाद पिंजौर में रह रहे उनके एक दोस्त के बुलावे पर वे घूमने यहां आ गए। पहले उन्होंने फोटो और सेल्फी ली। इसके बाद बारिश आ गई और वे दोनों नहाने लगे। उनका तीसरा दोस्त दूर किनारे पर बैठ गया।
उन्होंने बताया कि जब वे नहाने गए तो बहुत कम पानी आ रहा था। अचानक पहाड़ों की तरफ से तेज बहाव के साथ पानी आया और वे मध्य में बने टापू में फंस गए। किनारे पर बैठे दोस्त ने कहा कि पानी तेज है। जब पानी का बहाव कम हो जाएगा तो वे बाहर आ जाएंगे। इतना सुनकर उनका दोस्त वहां से चला गया।
नदी में फंसी भैंसे।
लोग बच्चों समेत नदी में कर रहे थे पूजा
जिला प्रशासन के निर्देश हैं कि लोग नदी के आसपास भी नहीं जाएं। इसके बावजूद आदेश की अवहेलना कर लोग बेखौफ नदी में उतर रहे हैं। रविवार को एक तरफ रेस्क्यू चल रहा था तो दूसरी तरफ कुछ दूरी पर पांच लोग बच्चों समेत नदी में उतर कर पूजा करते नजर आए। इसके अलावा पुल पर भारी संख्या में राहगीर खड़े होकर रेस्क्यू ऑपरेशन देख रहे थे। इसके अलावा भी पांच भैंसें भी कौशल्या के तेज बहाव में फंस गईं थीं। थोड़ी देर बाद से स्वयं ही पानी के तेज बहाव से बाहर निकल आईं।