चंडीगढ़। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की चंडीगढ़ जोनल यूनिट को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कानूनी सफलता मिली है। वर्ष 2019 में दर्ज मामले में जालंधर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने अक्शिंदर सिंह सोढ़ी और अमनदीप कुमार को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
एनसीबी के अनुसार अदालत ने 4 अगस्त को एनडीपीएस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोनों को दोषी ठहराया। मामला 9 सितंबर 2019 की कार्रवाई से जुड़ा है। उस दौरान एनसीबी ने 115 ग्राम कोकीन, 13 ग्राम एफेड्रिन, 80 ग्राम हशीश ऑयल और नशीले कैप्सूल बरामद किए थे।
जांच के दौरान एनसीबी ने बरामदगी के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़े। जांच में सामने आया कि नेटवर्क का संचालन कनाडा में बैठे कथित ड्रग तस्कर अमरींदर सिंह उर्फ लड्डी छीना द्वारा भारत में मौजूद सहयोगियों के साथ मिलकर किया जा रहा था। एनसीबी के अनुसार दोनों दोषी इस नेटवर्क के लिए मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। लड्डी छीना अभी फरार है और उसके खिलाफ जांच जारी है। वह पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के कई मामलों में भी नामजद है। एनसीबी ने बताया कि वर्ष 2026 में आगे की जांच के दौरान कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत तैयार की जा रही है, जिसे जल्द सक्षम अदालत में दाखिल किया जाएगा। सीमा पार संचालित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।