स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में पटियाला को पंजाब का दूसरा साफ शहर घोषित किया गया है। देश के 4 हजार 242 शहरों में सफाई को लेकर हुई प्रतिस्पर्धा में पटियाला को देश में 86वां रैंक मिला है। पटियाला और बठिंडा को दस लाख से कम की आबादी वाले शहरों की रैंकिंग में रखा गया था। देशभर में पटियाला को 86वां और बठिंडा को 79वां रैंक हासिल हुआ है।
रैंकिंग के मामले में बठिंडा भी बीते साल की तुलना में पिछड़ा है। नगर निगम कमिश्नर पूनमदीप कौर ने पटियाला के पंजाब में दूसरे नंबर पर आने पर अपने स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि तकनीकी कारणों के चलते पटियाला अपनी रैंकिंग को बीते साल की तुलना में बढ़ा नहीं सका है। उन्होंने कहा कि पहले चरण की रैंकिंग के समय सिटी टायलेट, अंडरग्राउंड सेमी बिन, एमआरएफ सेंटरों का काम पूरा नहीं कर सके थे। इसके अलावा डंपिंग मैदान की समस्या के समाधान को लेकर भी कोई काम शुरू नहीं हो सका था।
पहले चरण के स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम आठ से 900 अंक हासिल कर सकता था लेकिन सफाई को लेकर किए जा रहे तकनीकी कामों में देरी के चलते पहले चरण की रैंकिंग में महज 580 अंक हासिल हो सके। इसके बाद के तीन चरणों में पटियाला की रैंकिंग सराहनीय रही। पटियाला ने 3467.35 अंक हासिल किए हैं। इसके साथ ही ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) रैंकिंग में पटियाला को डबल प्लस प्वाइंट मिले हैं। इसी तरह से स्टार रेटिंग ऑफ गारबेज फ्री सिटी के लिए कुल 600 अंक रखे गए थे।
खुले नालों को बंद करवाने, जैकेब ड्रेन को सुंदर बनाने, राजिंदरा लेक को नया रूप देने, राघोमाजरा के पास ट्रस्ट की जमीन पर बने डंप को साफ करवाने के अलावा डंपिंग मैदान के स्थायी समाधान का काम शुरू करवाने का फायदा अगले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण में अवश्य मिलेगा। इसके साथ ही निगम ने अभी से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करवाने की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। संजीव शर्मा बिट्टू, मेयर
राजपुरा उत्तर भारत में 32वें स्थान पर
राजपुरा ने स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्तर भारत में 32वां और पंजाब में पांचवा स्थान हासिल किया है। साफ-सफाई, कचरा उठाने, सीवरेज और नालियों को देखते हुए तीन चरणों में स्कोरिंग दी गई है। पिछले साल 2019 में राजपुरा को उत्तर भारत में 32वां और पंजाब में चौथा रैंक मिला था। 2017-18 में राजपुरा को क्रमश: 185वां और 167वां, जबकि पंजाब में 87वां स्थान मिला था।
ईओ राजपुरा नवनीत सिंह का कहना है कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पिछले दो वर्षों में समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से राजपुरा को स्वच्छ बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गई। उन्होंने कहा कि केवल 10 प्रतिशत लोगों का उन्हें सहयोग नहीं मिल पा रहा अगर उनका भी हमें सहयोग मिल जाए तो वह दिन दूर नहीं जब राजपुरा पंजाब में ही नहीं पूरे देश में प्रथम स्थान ग्रहण कर सकता है।
तीसरे से पांचवें नंबर पर पहुंचा मुक्तसर
स्वच्छता सर्वेक्षण में अखिल भारतीय स्तर पर मुक्तसर ने बेशक चार अंकों का सुधार किया। मगर जोन स्तर पर बीते वर्ष तीसरे स्थान पर आने वाला मुक्तसर रैंकिग में पांचवें पायदान पर आ पहुंचा है। पहले देशभर में 139 नंबर पर रहने वाला मुक्तसर अब 135 नंबर पर आ गया। शिअद व कांग्रेस के नेताओं की आपसी खींचतान के कारण यहां पर कोई भी कार्य नहीं हो पाया है। कुछ समाजसेवी इस कार्य में आए लेकिन वह भी हाथ खड़े कर चलते बने। शहर की स्वच्छता पर राजनीति इस कदर भारी रही कि जो कार्य नगर काउंसिल ने शुरू किए थे वह भी ठप हो गए थे।