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राजपुरा: नवनीत कौर हंगरी और कीव से अभिनंदन स्लोवाकिया पहुंचे, जसप्रीत छोड़ सकती हैं यूक्रेन

Tue, 01 Mar 2022 07:03 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)

सार

मंगलवार दोपहर पता चला कि नवनीत यूनिवर्सिटी की बस से यूक्रेन के पड़ोसी देश हंगरी पहुंच चुकी हैं। जहां से वह राजपुरा एक-दो दिन में पहुंच जाएगी। 
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नवनीत कौर और उनके परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूक्रेन में एक छात्र की मौत के बाद अब पंजाब में छात्रों के अभिभावकों में भय व्याप्त हो गया है। भारतीय छात्रों की वापसी को लेकर आशा की किरण जगी है। आशा है कि उनके बच्चे जल्द ही आंखों के सामने होंगे। राजपुरा बनवाड़ी के रहने वाले अभिनंदन के अभिभावकों ने बताया कि कीव से टैक्सी के जरिए 1318 किमी का सफर तय कर स्लोवाकिया पहुंच चुके हैं। 

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लवीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं राजपुरा की नवनीत कौर के परिजनों ने बताया कि वह भी यूनिवर्सिटी की बस से 1194 किमी का रास्ता तय कर हंगरी पहुंच चुकी हैं। खारकीव में एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहीं जसप्रीत कौर के अभिभावकों ने बताया कि वह यूक्रेन छोड़कर रोमानिया की सीमा पर पहुंचने के प्रयास में हैं। 

कांट्रैक्ट बेस पर यूक्रेन के हवीव गया राजपुरा के सुंदर नगर निवासी त्रिलोक राज के परिवार का भी रो-रोकर बुरा हाल है, उसके दिव्यांग पिता तिलक राज दरवाजे पर नजर गड़ाए बैठे हैं कि कब उनके बेटे की घर वापसी की खबर आ जाए। यूरोपियन यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट का कोर्स करने गए अभिनंदन के पिता काका राम ने बताया कि कीव के हालात बेहद खराब होने से उन्हें चिंता सता रही थी कि हमें पता चला कि हमारा बेटा यूक्रेन के पड़ोसी देश स्लोवाकिया पहुंच गया है, जहां वह कुछ राहत महसूस कर रहे हैं और जल्द अपने घर आ जाएगा। 
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वहीं लवीव में पिछले छह वर्षो से एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहीं नवनीत कौर के पिता एएसआई हरभजन सिंह ने बताया कि जहां उनकी बेटी रह रही है उस शहर में फिलहाल रूसी सेना का हमला नहीं हुआ लेकिन बेटी की चिंता उन्हें सताती रही है। मंगलवार दोपहर पता चला कि नवनीत यूनिवर्सिटी की बस से यूक्रेन के पड़ोसी देश हंगरी पहुंच चुकी हैं। जहां से वह राजपुरा एक-दो दिन में पहुंच जाएगी। 

घनौर के गांव उलाणा की जसप्रीत कौर नवंबर 2021 से यूक्रेन की नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी खारकीव में शिक्षा ग्रहण कर रहीं हैं। उनके पिता वरिन्द्रपाल सिंह ने बताया कि भीषण बमबारी के बाद से वह बेसमेंट में रह रही है जिसकी हमें बेहद चिंता है। कई भारतीय उसके साथ हैं। हमें डर लग रहा है क्योंकि वह पिछले तीन दिनों से कुछ भी नहीं खाई। 

हमें पता चला है कि वह जल्द भारतीय छात्रों के साथ रोमानिया सीमा तक पहुंचने की कोशिश में है। सभी युवकों व युवतियों के परिजनों ने भारत सरकार से बच्चों की घर वापसी की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार से उम्मीद है कि वह हमारे बच्चों की भी जल्द से जल्द सकुशल घर वापसी करवाएगी। 

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