कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू
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पंजाब की 32 किसान जत्थेबंदियों से मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चिट्ठी लिखकर उनकी कई मांगों को प्रमुखता से हल करने का अनुरोध किया है। सिद्धू ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि राज्य में आंदोलन के दौरान कई किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए, जो अनुचित हैं। ऐसी सभी एफआईआर को जल्द से जल्द रद्द किया जाए।
सिद्धू ने यह भी कहा कि मंडियों में इन दिनों किसानों से फर्द की मांग की जा रही है, ताकि उनकी जमीन का मालिकाना हक पता चल सके। यह मांग किसानों को डराने वाली है। इससे उन्हें राहत दी जाए। अपनी चिट्ठी में उन्होंने कैप्टन को किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य निगमों के माध्यम से दाल व तिलहन की खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में अन्य फसलों को लाने का सुझाव दिया।
किसानों के हाथों में भंडारण क्षमता देने की भी व्यवस्था राज्य सरकार को किए जाने का भी उल्लेख किया है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि वे अपने विजन को पिछले साल सितंबर से उठा रहे हैं। कांग्रेस हमेशा से किसान हितैषी रही है। उनकी मांगों को प्रमुखता से हल किया जाए। कैप्टन से उन्होंने यह भी कहा कि वे इसका जवाब
ईमानदारी से ट्विट करें।
सरकार के कृषि कार्यों का किया उल्लेख
सिद्धू ने अपनी चिट्ठी में पंजाब राज्य में कृषि क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि पंजाब राज्य ने 2021-22 में कृषि के लिए अपने बजट व्यय का 10.9 प्रतिशत आवंटित किया है, जिसमें 30 प्रतिशत प्रतिवर्ष की वृद्धि हुई, जो अन्य राज्यों के मुकाबले 6.3 फीसदी पर औसत आवंटन से बहुत अधिक है। पंजाब ने 2017 से अब तक 5,810 करोड़ किसानों का कर्ज माफ किया है और हाल ही में कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों के 520 करोड़ कर्ज माफ किए हैं। उन्होंने अक्तूबर 2020 में विधानसभा में पारित अपने प्रस्ताव पर और अधिक दृढ़ रहने को कहा। साथ ही किसानों की इस लड़ाई में हर संभव मदद देने का प्रयास सरकार को करना चाहिए।