पंजाब मॉडल के जरिये कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस सहित भाजपा-अकालियों पर निशाना साध गए। सिद्धू ने 2.5 लाख करोड़ रुपये के कर्जदार पंजाब के लिए नाम लिए बगैर दो मुख्यमंत्रियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पंजाब के लिए 25 से 30 साल तक का सबसे खराब समय बताया। इस कार्यकाल में कांग्रेस सहित अकाली-भाजपा की सरकारें पंजाब में सत्तासीन रही हैं।
सिद्धू ने पंजाब मॉडल पेश करते हुए कहा है कि वह इसके लिए 17 साल से लड़ाई कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने सत्ता में रहते हुए और सत्ता छोड़ने के बाद भी लड़ाई की है। इस मॉडल में उन्होंने सिर्फ पंजाब की बात कही है। सिद्धू ने कहा कि यहां व्यक्तिगत बात नहीं की जाएगी सिर्फ पंजाब की बात होगी।
मॉडल में उन्होंने लिकर कारपोरेशन, सैंड माइनिंग कारपोरेशन, पंजाब स्टेट केबल रेगुलेटरी कारपोरेशन, ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन और आउटडोर एडवर्टाइजमेंट रेगुलेशन के जरिये आर्थिक रूप से कमजोर राज्य को मजबूत करने का रोडमैप बताया, वहीं दूसरी ओर इन सबके लिए अभी तक की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने इस दौरान 100 दिन की हुई अपनी ही चन्नी सरकार पर भी हमला बोला। मुख्यमंत्री सहित उन्होंने कुछ मंत्रियों पर भी निशाना साधा। सियासी जानकार उनके इन बयानों से यह कयास लगा रहे हैं कि पंजाब में अभी तक कांग्रेस में हालात सामान्य नहीं हुए हैं। यदि यही हालात रहे तो सूबे की चन्नी सरकार अन्य दलों से पहले सिद्धू के खिलाफ खड़ी हो सकती है।
क्या है सिद्धू का पंजाब मॉडल
सिद्धू ने पांच कारपोरेशन के रोडमैप के जरिये पंजाब की आर्थिक तंगी दूर करने का रोडमैप दिखाया है। इसमें उन्होंने सूबे में लिकर कारपोरेशन में शराब को वैट में लाने की हिमायत की है। उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि वैट के जरिये वह राज्य 37 हजार करोड़ की कमाई कर रहा है। पंजाब स्टेट रेत माइनिंग कार्पोरेशन से सिद्धू ने 3 हजार करोड़ का राजस्व आने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब मॉडल में रेत के जरिये राजस्व बढ़ाने की पूरी व्यवस्था की गई है। केबल माफिया को खत्म करने के लिए उन्होंने पंजाब स्टेट केबल रेगुलेटरी कमीशन की वकालत की। पंजाब मॉडल में सूबा सरकार 3 से 5 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त करेगी।
ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन: 1.5 हजार करोड़ का मिलेगा राजस्व
सिद्धू ने पंजाब मॉडल में ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के जरिये 1.5 हजार करोड़ राजस्व आने का दावा किया है। सिद्धू ने लुधियाना का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके जरिये लुधियाना 50 लाख रुपये कमा रहा है। हाल ही में वहीं का 36 करोड़ का दूसरा अनुबंध हुआ है।