पत्र में सिद्धू ने नशे का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने लिखा था कि एसटीएफ की रिपोर्ट में जिस बड़ी मछली का जिक्र है उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए और कड़ी सजा दी जाए। सिद्धू ने अवैध खनन और परिवहन माफियाओं का जिक्र पत्र में किया। सिद्धू ने कहा कि अपूरणीय क्षति के डैमेज कंट्रोल का यह आखिरी मौका है। सिद्धू ने ट्वीट किया कि राज्य के संसाधनों को निजी जेब में जाने के बजाय राज्य के खजाने में कौन वापस लाएगा? हमारे महान राज्य की समृद्धि का पुनरुत्थान की पहल का नेतृत्व कौन करेगा।
पंजाब मॉडल को घोषणा पत्र में शामिल कराना चाहते हैं सिद्धू
13 सूत्रीय एजेंडा और पंजाब मॉडल की सिद्धू वकालत कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि पंजाब मॉडल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र का हिस्सा बने। नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। वह पुलिस महानिदेशक और महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर चन्नी सरकार से नाराज थे। हालांकि 15 अक्तूबर को उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद उनकी चिंताओं का सामाधान हो गया है। दूसरी ओर पार्टी ने दावा किया था कि वह प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं।