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पंजाब कांग्रेस की नई तस्वीर: मुलाकात के दौरान सिद्धू ने उठाए मुद्दे तो अमरिंदर सिंह बोले- काम जारी है, जल्द हल होंगे

Tue, 27 Jul 2021 08:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

लंबी खींचतान के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान पंजाब कांग्रेस के चारों कार्यकारी अध्यक्ष मौजूद रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू से मिलकर काम करने की बात कही। 
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नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लंबी खींचतान और पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने पहुंचे। चंडीगढ़ स्थिति मुख्यमंत्री कार्यालय में कैप्टन से मुलाकात के दौरान प्रदेश कांग्रेस के चारों कार्यकारी प्रधान भी मौजूद रहे। जनता से जुड़े मुद्दों पर सिद्धू की ओर से सौंपे गए पत्र पर कैप्टन ने जवाब दिया कि राज्य सरकार पार्टी के 2017 विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में लोगों से किए वादों में से अधिकतर को लागू कर चुकी है और बाकी मामले भी जल्द हल हो जाएंगे। इन पर काम किया जा रहा है और सभी मुद्दे सरकार के रेजोल्यूशन के एडवांस स्टेज में हैं।

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प्रांतीय कांग्रेस की नई टीम के सदस्यों की पद संभालने के बाद मुख्यमंत्री के साथ पहली बैठक थी। इसमें नवजोत सिद्धू के साथ प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी प्रधान कुलजीत सिंह नागरा, संगत सिंह गिलजिया, सुखविंदर सिंह डैनी और पवन गोयल भी मौजूद रहे। कैप्टन ने मीटिंग को सौहार्दपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सभी चुनावी वादे पूरे करने के लिए वचनबद्ध है। 

आपकी जीत मेरी जीत है: कैप्टन
मुख्यमंत्री ने सिद्धू और चारों कार्यकारी प्रधानों से कहा, आपकी जीत मेरी जीत है और हमारी जीत पार्टी की जीत है। राज्य और लोगों के हितों को देखते हुए एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। कैप्टन ने कहा कि पार्टी नेता और कार्यकर्ता सरकार के लोक हितैषी फैसले और सरकार के कामों को जमीनी स्तर पर लेकर जाएं, ताकि पंजाब के लोग कांग्रेस सरकार की ओर से पिछले चार साल से अधिक समय के दौरान किए गए शानदार कार्यों से अवगत हो सकें। मुख्यमंत्री ने सरकार और पार्टी के बीच बेहतर तालमेल के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं को निरंतर मिलने की पेशकश की।

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कैप्टन की सह्रदयता से शर्मिंदा हुए सिद्धू

मुख्यमंत्री कैप्टन ने नए प्रदेश कांग्रेस प्रधान और चारों नवनियुक्त कार्यकारी प्रधानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने चिर-परिचित अंदाज में पांचों नेताओं को बधाई दी। सिद्धू को बधाई देते हुए कैप्टन जैसे ही झुके, सिद्धू ने उन्हें संभाल लिया। हालांकि इस समय सिद्धू काफी शर्मिंदा दिखाई दिए। 

दरअसल, सिद्धू की नियुक्ति के बाद कैप्टन ने सिद्धू द्वारा उन पर की गई टिप्पिणियों के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की शर्त रखी थी। सिद्धू ने माफी नहीं मांगी और प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सभी कांग्रेस नेताओं से मिलने उनके घर तक गए लेकिन कैप्टन से एक बार भी मिलने की कोशिश नहीं की। 

कैप्टन ने सिद्धू की ताजपोशी से पहले सभी विधायकों-मंत्रियों को चाय पर बुलाया, वहां भी सिद्धू प्रियंका गांधी के निर्देश के बाद पहुंचे लेकिन कैप्टन को दूर से ही फतेह बुलाकर उन्हें अनदेखा करते रहे। सिद्धू का कैप्टन के प्रति यह व्यवहार यहीं नहीं थमा, ताजपोशी के दौरान सिद्धू ने मंच पर कैप्टन को पूरी तरह अनदेखा करते हुए मौजूद बाकी नेताओं के पांव छुए। उधर, सिद्धू के व्यवहार पर कैप्टन की तरफ से कोई बयान नहीं आया। मंगलवार को सीएमओ में जब सिद्धू पहुंचे तब कैप्टन तो सहज दिखाई दिए लेकिन सिद्धू उनसे आंख नहीं मिला पा रहे थे।

सिद्धू के मांग पत्र में यह हैं पांच मुद्दे

सिद्धू और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर पांच अहम मुद्दों पर सरकार द्वारा तुरंत काम शुरू करने की अपील की। यह पांच मुद्दें हैं- बेअदबी, कोटकपुरा गोलीकांड, ड्रग माफिया, किसानों से 2017 में किए गए वादे पूरे करना और पंजाब में विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे करीब 20 मुलाजिम संगठनों की मांग को हल करना। 

सिद्धू और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में यह मांग की है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पंजाब में नशा तस्करों पर नकेल कसते हुए नशे के कारोबार में शामिल बड़ी मछलियों पकड़ा जाए। पत्र में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के बारे में कहा गया कि इन कानूनों को किसी भी कीमत पर पंजाब में लागू न होने दिया जाए। 

इसके अलावा 2017 में पंजाब के लोगों से किए वादे पूरे करते हुए महंगे बिजली समझौते रद्द करने, प्रदेश में 20 से ज्यादा जत्थेबंदियां (शिक्षा, मेडिकल, नर्स, लाइनमैन, कर्मचारी जत्थेबंदियां आदि) की मांगों पर विचार कर उन्हें हल किया जाए। इसके साथ ही हाईकमान द्वारा तय 18 सूत्रों कार्यक्रम पर भी अमल किया जाए।
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आलाकमान के निर्देश में मिलने पहुंचे सिद्धू

अब तक कैप्टन का सोशल मीडिया के जरिये विरोध और फिर प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कैप्टन की लगातार अनदेखी के बाद मंगलवार को पहला मौका था, जब सिद्धू खुद कैप्टन से मिलने पहुंचे। पता चला है कि सिद्धू और चारों कार्यकारी अध्यक्षों ने यह कदम पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उठाया, क्योंकि सोमवार को ही सिद्धू ने पार्टी संगठन में फेरबदल के संकेत दिए थे।

उधर, पद ग्रहण समारोह के दौरान नवजोत सिद्धू का कैप्टन के प्रति व्यवहार बहुत आपत्तिजनक रहा और आलाकमान को भी नागवार गुजरा है। आलाकमान ने सिद्धू और चारों कार्यकारी प्रधानों को कैप्टन से मुलाकात करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही सिद्धू ने कैप्टन से मिलने का समय मांगा लेकिन कैप्टन ने अपने आवास के बजाय सचिवालय स्थित मुख्यमंमत्री कार्यालय में मिलने का समय दिया।

 यानी कैप्टन ने भी इस मुलाकात को पूरी तरह औपचारिक रखा और सिद्धू को ज्यादा तरजीह नहीं दी। क्योंकि, मुख्यमंत्री आमतौर पर अपनी पार्टी के नेताओं, मंत्रियों से सिसवां स्थित फार्महाउस वाले अपने आवास पर या चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर ही मिलते रहे हैं। 
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