बैठक के बाद सिद्धू ने बताया कि उन्होंने पार्टी प्रभारी को बताया है कि वह पार्टी की बेहतरी के लिए और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए रैलियां कर रहे हैं। इसके अलावा आरटीआई के जरिये राज्य सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी लेकर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर रहे हैं।
उन्होंने पार्टी प्रभारी को यह भी बताया कि रैलियों का कार्यक्रम जब तय किया गया था, तब उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पार्टी प्रभारी चंडीगढ़ पहुंचने वाले हैं। पता चला है कि सिद्धू की इस सफाई पर देवेंद्र यादव ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस प्रधान के साथ तालमेल कायम करके अनुशासन में रहकर काम करने की हिदायत दी।
मीडिया से बातचीत में सिद्धू ने कहा कि इससे पहले हरीश चौधरी प्रभारी थे लेकिन उन्होंने कभी कुछ पूछा ही नहीं था। मैं एक कार्यकर्ता की तरह पार्टी के काम में शामिल रहता था लेकिन अब नए प्रभारी से संपर्क हो गया है इसलिए अब सारा सिस्टम भी ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब मुझसे रैलियों के बारे में पूछा गया तो मैंने जवाब दे दिया कि यह आपके प्रभारी बनने से पहले ही तय हो चुकी थी।
मैंने बैठक में यही कहा है कि अनुशासन के लिए शासन बनाकर रखना भी जरूरी होगा और अनुशासन दो-चार लोगों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए होना चाहिए। मैं पार्टी की बेहतरी के लिए काम कर रहा हूं फिर भी हाईकमान को जो फैसला होगा, मुझे मंजूर होगा। सिद्धू से उनके ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं तो ट्वीट करता रहता हूं। यह पब्लिक है सब जानती है।