पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को गत वर्ष 19 जुलाई को निकाय मंत्री कमल गुप्ता, 12 आईएएस सहित शहरी निकाय विभाग के 88 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत देकर याशी कंपनी के प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे।
लोकायुक्त का नोटिस मिलते ही सरकार ने याशी कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते हुए 8 करोड़ रुपये की बकाया पेमेंट रोक दी थी व लाखों रुपये की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जब्त कर ली थी। आरोप है कि प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे बोगस होने के बावजूद अधिकारियों ने 58 करोड़ रुपये की पेमेंट कंपनी को कर दी। लोकायुक्त इसी मामले की सुनवाई कर रहे हैं।
प्राथमिक के बाद एसीबी कर रहा विस्तृत जांच की मांग
लोकायुक्त के आदेश पर की गई अपनी प्राथमिक जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय) के डीएसपी शुक्रपाल ने पीपी कपूर के आरोपों को सही पाते हुए घोटाले के पूरे खुलासे के लिए विस्तृत खुली जांच की जरूरत बताई है। बताया कि मामले में फर्जीवाड़े की जांच पूरे रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिए बगैर और संबंधित अधिकारियों के बयान लिए बगैर संभव नहीं है।