विधानसभा का सेशन खत्म होने के बाद राज्य की नई सरकार हरकत में आ गई है। वीरवार को स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम आवास से चंद कदमों पर स्थित नया गांव का औचक दौरा कर लोगों की तकलीफों को जाना। उनके साथ जिले की डीसी समेत सभी अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए प्रस्तावित जगह का जायजा लिया। साथ ही लोगों को बड़ी राहत देते हुए उक्त साइट को बदलकर नई जगह की निशानदेही करने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एसटीपी की वजह से लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू सीधे एनएसी के दफ्तर पहुंचे। वहां पर इलाके के पार्षदों और लोगों की समस्याओं को सुना और उसके हल के लिए नगर पंचायत के कार्यसाधक अधिकारी को मौके पर ही निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिन उम्मीदों से उन्हें चुनकर भेजा है। अब सरकार की कोशिश है कि वह उन पर खरे उतरें। उन्होंने कहा कि सीएम का एक ही उद्देश्य है कि लोगों की सरकार-लोगों के द्वार पर जाए।
उन्होंने कहा कि इस दौरे से उन्होंने जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इस मौके पर पूर्व मंत्री जगमोहन सिंह कंग, डीसी गुरप्रीत कौर सपरा, अतिरिक्त सचिव स्थानीय निकाय विभाग हरगुणजीत कौर, एसडीएम अमनिंदर कौर बराड़ और डिप्टी डायरेक्टर गुरपाल सिंह चहलड मौजूद थे।
ईओ से कहा- साल का प्लान बनाकर भेजे
सिद्धू ने नया गांव के लोगों की समस्याएं सुनने के बाद ईओ को निर्देश दिए हैं कि साल 2017-18 में इलाके में जो भी विकास कार्य करवाए जाने हैं। उनका प्लान बनाकर विभाग को भेजा जाए। सरकार की तरफ से छह महीने के अंदर काम शुरू करवाया जाएगा।
सरकार की कोशिश, लोगों को मिले सुविधाएं
मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू
मंत्री सिद्धू ने कहा कि उनके विभाग का उद्देश्य सरकार को आत्मनिर्भर बनाना है। ताकि शहरों व कस्बों में विकास के फर्क को खत्म किया जा सके। साथ ही लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। जिनके लोग सच में हकदार है।
पार्टीबाजी से ऊपर उठकर करें काम
इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैं सरबत के भले में विश्वास रखता हूं। इलाके के सभी पार्षदों व लोगों से भी यही उम्मीद करता हूं कि वह पार्टीबाजी से ऊपर उठकर लोगों के साथ मिलकर काम करें। मैं अपनी तरफ से उन्हें पूरा सहयोग दूंगा। इस दौरान कुछ कांग्रेसी पार्षदों ने अकाली पार्षदों के कार्यक्रम में शामिल होने पर ऐतराज जताया था।
अब लोग खुद करेंगे प्रोजेक्टों का ऑडिट
सिद्धू ने कहा कि जो भी प्रोजेक्ट या विकास कार्य इलाके में शुरू होता है। सबसे पहले उसका नोटिफिकेशन जारी कर काम के विस्तार की जानकारी वाला बोर्ड साइट पर लगाया जाए। उस पर ठेकेदार का नाम भी लिखा जाए। साथ ही काम शुरू व खत्म होने के अलावा उसे पूरा करने का समय व कुल खर्च भी लिखा जाए। इसके बाद लोग खुद इसका आडिट करेंगे। साथ ही किसी भी तरह की खामी पाए जाने पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
नक्शे पास करवाने की फीस होगी कम
इस दौरान लोगों ने मुद्दा उठाया कि इलाके में नक्शे पास करवाने के लिए लोगों को काफी फीस भरनी पड़ रही है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि इसमें कटौती की जाएगी।
मोबाइल टावरों के लिए बनेगी समान नीति
मोबाइल टावरों के मामले में नवजोत सिद्धू ने कहा कि पूरे पंजाब के लिए एक समान नीति बनाकर उसे लागू किया जाएगा। साथ ही नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसटीपी प्रोजेक्ट ऐसे चढ़ेगा सिरे
एसटीपी की प्रस्तावित जगह रिहायशी क्षेत्र के नजदीक होने का मुद्दा लोगों द्वारा उठाया गया। वह लोगों के साथ उस जगह पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने ईओ को तुरंत इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित जगह में तबदीली की जाए। साथ ही लोगों की सहमति के साथ नई जगह की तलाश की जाए। नई योजना को लिखित रूप में विभाग को भेजा जाए। इसके बाद इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे बनी सिद्धू के दौरे की रणनीति
नवजोत सिंह सिद्धू
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस इकाई के उप प्रधान कंवल धामी ने बुधवार को सिद्धू से मुलाकात कर उन्हें नया गांव के हालात से अवगत कराया था। साथ ही अफसरों की धांधलियों पर भी प्रकाश डाला था। इसके बाद सिद्धू ने जिले के तमाम सीनियर अफसरों को साथ लेकर नया गांव पहुंचे।
ईओ पर धांधली का आरोप
जब सिद्धू पहुंचे तो स्थानीय नेता कंवल धामी ने नगर ईओ पर गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप था कि ईओ बड़े स्तर पर घपलेबाजी कर रहे हैं। लेकिन सिद्धू ने इस दौरान कोई हामी नहीं भरी। इसके बाद नगर काउंसिल दफ्तर के आगे आकर उन्होंने जमकर भड़ास निकाली। साथ ही कहा कि अगर उस पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह मरणव्रत शुरू करेंगे।
क्या कहा मंत्री सिद्धू ने
नया गांव की म्यूनिसिपल लिमिट बढ़ाने के प्रस्ताव के कारण मैं वहां पर गया था। लोगों ने कहा कि विभाग में पैसे के बिना कोई काम नहीं होता है। बिना पैसे नक्शे पास नहीं होते। पानी की सप्लाई नहीं की जाती। अधिकारियों की पानी माफिया से मिलीभगत है। इलाके में सड़क बनती नहीं है। सिद्धू ने अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा ऐसी शिकायतें नहीं आनी चाहिए।