मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के रिश्तेदार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के खिलाफ जहां एक और पूरी कांग्रेस चन्नी के समर्थन में लामबंद हो गई है वहीं, इस मामले में अब तक चुप्पी साधे रहे पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को कहा कि इस मामले में वह किसी को क्लीन चिट नहीं दे रहे और कानून को अपना काम करने दिया जाए।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से औपचारिक बातचीत के दौरान सिद्धू ने कहा कि अगर जांच एजेंसियां इस मामले में कोई सबूत पेश करतीं हैं तो वह पहले ऐसे शख्स होंगे जो खुलकर आलोचना करेंगे लेकिन अगर कोई राजनीतिक प्रतिशोध से कार्रवाई करेगा तो सिद्धू उसके साथ नहीं है। सिद्धू ने कहा कि उन्हें पता है कि ईडी, सीबीआई और पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल किया जाता है।
2018 के जिस मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री के रिश्तेदार पर छापा मारा है, उस मामले को दर्ज हुए करीब 4 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुंभकरण भी छह महीने बाद सोकर उठ जाता था, आप तो कुंभकरण के भी बाप निकले कि चार साल सोते रहे और चुनाव से ठीक पहले ईडी लेकर आ गए हैं।
सिद्धू से यह भी पूछा गया कि शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने में उनके द्वारा दबाव बनाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में ईडी की कार्रवाई सही और पंजाब पुलिस की कार्रवाई गलत कैसे कही जा सकती है ? इस पर सिद्धू ने कहा कि ये बेकार की बातें हैं।
मजीठिया पर सबसे पहले कार्रवाई ईडी ने ही की थी। उन्होंने कहा कि ईडी का केस झूठ नहीं था क्योंकि भोला 6 हजार करोड़ रुपये के ड्रग रैकेट में फंसा था। उसी भोला के बयान पर सब कुछ हुआ। बिट्ट औलख के अलावा सत्ता, पिंदी और अमरिंदर शामिल थे और इन तीन की भारत सरकार के जरिये प्रत्यर्पण की मांग की गई है, जिसकी मंजूरी आज तक नहीं मिली। सिद्धू ने एसटीएफ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने इसी रिपोर्ट के आधार पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को कार्रवाई के लिए कहा था लेकिन कैप्टन ने कोई कार्रवाई नहीं की।