कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिद्धू ने बेहद अहम जानकारी दी है और एक बार फिर ट्वीट करके मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तीखा तंज कसा। दरअसल, नवजोत सिद्धू और कैप्टन के बीच इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा। सिद्धू लगातार ट्वीट करके जुबानी हमले कर रहे थे। इस बीच प्रेस कांफ्रेंस करते हुए फेसबुक पर लाइव होकर उन्होंने मामले में अपना पक्ष रखा, लेकिन कैप्टन की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई।
इसलिए सिद्धू ने फिर से ट्वीट करके अपनी बात रखी है। सिद्धू ने ट्वीट किया कि उन्हें यह फिक्र है हरदम नई तर्जे जफ़ा (बेवफ़ाई) क्या है, हमें भी शौक है कि देखें सितम की इंतहा क्या है, गुनाहगारो में शामिल हैं गुनाहों से नहीं है वाकिफ, सितम करते हैं वो, खुदा जाने खता क्या है|इन शब्दों से साफ बयां होता है कि सिद्धू अपनी गलती जानना चाहते हैं। फेसबुक पर लाइव प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यही कहा था कि उंगली तो उठाई जा रही है, लेकिन गलती क्या है, वो तो बता दें।
अब तक ई-नक्शा पोर्टल पर ऑनलाइन पास हुए 4000 प्लान
निकायमंत्री नवजोत सिद्धू ने जानकारी देते हुए दावा किया है कि सभी शहरी निकायों में आनलाइन नक्शे पास कराने का काम सफलतापूर्वक चल रहा है। ई-नक्शा पोर्टल पर अब तक 4000 नक्शे पास हो चुके हैं। जबकि, 8800 से ज्यादा फाइलें सफलतापूर्वक दाखिल हो चुकी हैं। सिद्धू ने कहा कि पोर्टल पर करीब 1600 आर्किटेक्ट और इंजीनियर रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
शुरू में इस सिस्टम में कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन अब आवेदक और स्टाफ कामकाज से संतुष्ट हैं। इससे आवेदकों और आर्किटेक्ट का समय बच रहा है। इस सिस्टम के जरिये डिजाइन को स्कैन कर रिपोर्ट तैयार करने में दो दिन लगते हैं। अगर रिपोर्ट ठीक हो तो फाइल अपने आप तमाम अथॉरिटीज के पास पहुंचती जाती है और नक्शा पास हो जाता है।
रोजाना औसतन साठ फाइलें इस सिस्टम द्वारा पास होती हैं। दो-तीन हफ्तों में केस को मंजूरी मिल जाती है। इस समय सिर्फ तीन प्रतिशत ही फाइलें एक माह से अधिक, तीन प्रतिशत पंद्रह दिन से ज्यादा और सात प्रतिशत सात दिनों से अधिक समय से पेंडिंग पड़ी हैं। आवेदक खुद अपनी फाइल का स्टेटस भी देख सकते हैं।
सिद्धू ने कहा कि इस सिस्टम के लागू होने से टाऊन प्लानिंग विंग को राहत मिली है। क्योंकि अब उन पर किसी सिफारिश केस को मंजूर करने का दबाव नहीं है। इस सिस्टम की शुरुआत 15 अगस्त 2018 को की गई थी, इसके लिए जून 2018 में एबीएम के साथ समझौता हुआ था।