केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए तीन कृषि संबंधी विधेयक के विरोध में हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद खामोश बैठे पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने किसानों के पक्ष में एक ट्वीट किया है। सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए ट्वीट में कहा है कि ‘सरकारें तमाम उमर यह भूल करती रहीं, धूल उनके चेहरे पर थी, आइना साफ करती रहीं।’
नवजोत सिद्धू ने पंजाबी में ट्वीट कर किसानों के संघर्ष पर कहा कि ‘किसान पंजाब की रूह, शरीर के घाव भर जाते हैं, आत्मा पर वार, पर हमारे अस्तित्व पर हमला सहन नहीं। जंग की तूती बोलती है-इंकलाब जिंदाबाद, पंजाब, पंजाबियत व हर पंजाबी किसानों के साथ।’ इस ट्वीट के साथ सिद्धू ने पंजाब का नक्शा व दो किसानों की फोटो भी लगाई है।
महीनों से चुप बैठे सिद्धू के बारे में चर्चा थी कि वह भाजपा में वापसी कर सकते हैं। चार दिन पहले नवजोत सिद्धू कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ दिल्ली में बैठक कर आए हैं। इस बैठक में सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पैदा मतभेदों के बारे में हरीश रावत से खुलकर बातचीत की थी। बैठक के बाद रावत ने कहा था कि नवजोत सिद्धू कांग्रेस के लिए एक एसेट्स यानि संपत्ति हैं।
सिद्धू बीते कई हफ्तों से पटियाला स्थित अपने निवास स्थान पर हैं। उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी पटियाला में हैं। अमृतसर स्थित उनके निवास स्थान पर केवल दफ्तर में काम करने वाले व सुरक्षा कर्मचारी ही हैं। किसानों के पक्ष में किए गए ट्वीट के बाद क्या सिद्धू किसानों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन में भाग लेंगे, इस पर उनकी सियासी सक्रियता तय होगी।
बता दें कि सिद्धू ने पंजाब के लोगों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए यू-ट्यूब चैनल ‘जित्तेगा पंजाब’ भी शुरू किया था। इस चैनल के माध्यम से सिद्धू ने पांच वीडियो के माध्यम से प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव करने के दावे भी किए थे। यह चैनल भी महीनों से चुप था।
किसान पंजाब की आत्मा,
शरीर के घाव भरत जाते हैं,
लेकिन आत्मा पर वार,
हमारे अस्तित्व पर हमला बर्दाश्त नहीं।
युद्ध का बिगुल बजाया - इंकलाब जिंदाबाद,
पंजाब, पंजाबियत और हर पंजाबी किसान के साथ।