पंजाब में बुधवार को फिरोजपुर में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली सुरक्षा कारणों से रद्द होने पर पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू ने प्रतिक्रिया दी है। बरनाला में एक रैली के दौरान सिद्धू ने कहा कि रैली में लोग ही नहीं पहुंचे थे। कुर्सियां खाली पड़ी थीं। सुरक्षा में चूक का मामला ध्यान भटकाने के लिए उठाया जा रहा है।
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फिरोजपुर में भाजपा की निर्धारित रैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वापसी पर खेद व्यक्त करते हुए इस मामले में किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक से इनकार किया था। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी है इसलिए मामले की जांच जरूर की जाएगी। पंजाब सरकार ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी बना दी है।
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर हुई सुरक्षा में चूक पर पंजाब सरकार व केंद्र में टकराव के आसार बढ़ गए हैं। केंद्र सरकार के तमाम मंत्रियों व नेताओं ने पंजाब सरकार पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया तो सीएम चन्नी भी आक्रामक अंदाज में सामने आ गए थे। पंजाब में चुनाव आचार संहिता लगने का वक्त भी निकट आ चुका है, ऐसे में पंजाब के पुलिस अधिकारियों को जवाबतलबी के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा है कि जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि पंजाब के सीएम चन्नी ने सुरक्षा चूक में साफ इनकार किया है।
दरअसल, केंद्रीय अधिकारियों के समन्वय से प्रधानमंत्री के आगमन और प्रस्थान को लेकर एक आपात रणनीति भी तय की जाती है। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री को हेलीकाप्टर से जाना है तो कैसे जाएंगे और आकस्मिक परिस्थितियों में यदि सड़क से जाना पड़ा तो उनका काफिला कैसे जाएगा? इसकी बाकायदा रिहर्सल होती है और सारा रोड मैप पहले से ही तैयार होता है।