भाजपा छोड़ चुके नवजोत सिंह सिद्धू ने नई पार्टी को लेकर मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। साथ ही, वे कपिल का शो भी छोड़ सकते हैं। प्रेस रिलीज जारी कर सिद्धू ने कहा कि वे चुनाव तक कोई नई पार्टी नहीं बनाएंगे। वे सिर्फ 'आवाज-ए-पंजाब' मोर्चे तक सीमित रहेंगे।
चुनाव में किसी के साथ भी गठबंधन के लिए वे स्वतंत्र रहेंगे। जो भी पंजाब की बेहतरी के लिए आगे आएगा, वे उसके साथ जुड़ सकते हैं। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे सिद्धू का मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। जानकारी ये भी है कि नवजोत सिद्धू एक अक्टूबर को अमृतसर पहुंच रहे हैं जहां उनके जोरदार स्वागत की तैयारी चल रही है।
कपिल का शो भी छोड़ेंगे!
चंडीगढ़ में नवजोत सिद्धू की प्रेस कांफ्रेंस
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सिद्धू के करीबी लोगों की मानें तो सितंबर के बाद वह कपिल शर्मा शो में नहीं दिखेंगे। सिद्धू को इस शो से सालाना 25 करोड़ रुपये की आमदनी होती है।
सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने बताया कि उनके पति पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि पंजाब की ज़िम्मेदारी से बढ़कर उनके लिए कुछ भी नहीं है। इससे साफ माना जा रहा है कि अब वह जल्द ही कपिल शर्मा शो को भी आखिरी सलाम करने वाले हैं। इसी महीने के अंत में कॉमेडी शो का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाएगा।
सिद्धू के मास्टर स्ट्रोक के मायने
नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
नवजोत सिंह सिद्धू ने जब 'आवाज-ए-पंजाब' मोर्चे की घोषणा की थी तो यह तय नहीं था कि यह पार्टी बनेगी या मोर्चे तक सीमित रहेगी। सिद्धू खुद मानते हैं कि पार्टी खड़ी करने के लिए 2-3 साल का समय लगता है। पार्टी बनाकर वह बादल-अमरिंदर के खिलाफ वोट बांटना नहीं चाहते।
हालांकि, बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू का झुकाव 'आप' की तरफ था. इस बीच कभी-कभी कांग्रेस के साथ बातचीत के भी उनके आसार बने, लेकिन वहां पर पहले से ही हेवी वेट नेताओं की भरमार के बाद सिर्फ एक ही विकल्प बचा था तो उन्होंने अलग मोर्चा बनाने का ऐलान कर दिया।
इस मोर्चे का ऐलान परगट सिंह, बैंस बंधुओं और सिद्धू के लिए बड़ी सफलता की गारंटी बनकर उभर सकता है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि बागी 'आप' सांसदों हरिंद्र सिंह खालसा और धर्मवीर गांधी, जगमीत सिंह बराड़ा, वीर दविंद्र सिंह सहित अन्य और बागी नेता भी इसमें शामिल हो सकते हैं।