नवजोत सिद्धू की मुख्यमंत्री चन्नी के साथ नाराजगी दो आला अधिकारियों की नियुक्ति के मामले को लेकर पैदा हुई है। पंजाब के डीजीपी लगाए गए आईपीएस सहोता और राज्य के नए एडवोकेट जनरल देयोल की नियुक्ति पर सिद्धू ने एतराज जताते हुए प्रदेश प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद बीते 6 महीने से पंजाब कांग्रेस में जारी विवाद के बीच पहली बार सिद्धू ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सारा विवाद सुलझा लिया है। लेकिन इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि सिद्धू ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भी प्रदेश प्रधान पद से दिया गया अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया है।
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सिद्धू के मीडिया सलाहकार जगतार सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सिद्धू ने फिलहाल अपना इस्तीफा वापस लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि वह अगले दो-चार दिन में अपने मुद्दों का क्रियान्वयन शुरू होते ही इस्तीफा वापस ले लेंगे।
वहीं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने कहा है कि सिद्धू ने राहुल गांधी के साथ मुलाकात में अपने सभी मामले सुलझा लिए हैं। दोनों नेताओं के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नवजोत सिद्धू ही पंजाब कांग्रेस के प्रधान बने रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ विवाद के बाद नवजोत सिद्धू का नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ भी मनमुटाव हो गया था। इस कलह को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिद्धू को दिल्ली बुलाया था, जहां शुक्रवार शाम सिद्धू की राहुल गांधी से मुलाकात हुई। इस बैठक के बाद सिद्धू ने कहा कि उन्होंने अपने सारे मुद्दे राहुल गांधी के साथ साझा किए और सभी मुद्दों को सुलझा लिया है।
हरीश रावत ने कहा कि हमने सिद्धू को भरोसा दिलाया है कि हाईकमान उनके मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देगा वहीं सिद्धू ने राहुल गांधी को भरोसा दिलाया कि वह प्रदेश प्रधान के रूप में अपनी ड्यूटी निभाते रहेंगे।