बता दें कि विभाग बदले जाने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच छिड़ी जंग आखिरकार सिद्धू के कैबिनेट से बाहर होने के साथ समाप्त हो गई। सिद्धू की ओर से बीते सोमवार को कैप्टन के चंडीगढ़ स्थित आवास पर भेजा गया इस्तीफा मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंजूर कर लिया और उसे वैधानिक मंजूरी के लिए पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के पास भेज दिया।
कुछ घंटों के अंतराल पर राज्यपाल ने भी नवजोत सिंह सिद्धू के एक पंक्ति के इस्तीफे पर मंजूरी की मुहर लगा दी। इसके साथ ही नवजोत सिद्धू औपचारिक तौर पर पंजाब कैबिनेट से बाहर हो गए हैं। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू को अलॉट बिजली विभाग अब मुख्यमंत्री के पास रहेगा।
नवजोत सिंह सिद्धू ने बीते 10 जून को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेजा था और इसके तकरीबन एक महीने बाद उन्होंने इस संबंध में ट्वीट किया था। बाद में सिद्धू ने अपने नए ट्वीट में कहा था कि वह औपचारिक तौर पर अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज देंगे। गौरतलब है कि सिद्धू ने अपना नया विभाग संभालने से इंकार कर दिया था।