उन्होंने अभी 24 दिसंबर को ही क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी और कहा था कि जिंदगी एक बार मिलती है, हर चीज करनी चाहिए, अब परिवार को टाइम देने का समय है। हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब में खेलों का ढांचा बेहतर नहीं है, जिसकी वजह से हम कई खेलों में पिछड़ रहे हैं। इसलिए राज्य की सरकार को खेलों के ढांचा को बेहतर करना चाहिए, ताकि बेहतरीन खिलाड़ियों को तैयार किया जा सके।
उन्होंने युवा वर्ग को संदेश दिया कि मेहनत से कभी डरना नहीं चाहिए, कामयाब होने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है, इसलिए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर बढ़ते रहना चाहिए। भज्जी ने युवाओं को नशे से दूर रहने और बुजुर्गों की सेवा करने और बच्चों से प्यार करने का संदेश दिया है। राजनीति में आने की चर्चाओं पर हरभजन सिंह ने कहा कि अगर वह राजनीति में आते हैं तो खेलों को प्रोत्साहित करना उनकी पहली पहल होगी। उनका मकसद पंजाब की सेवा करना है।
मनप्रीत सिंह ने अपनी कप्तानी में रचा इतिहास
जिले के मिट्ठापुर गांव के रहने वाले भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने कड़ी मेहनत करते हुए बड़े-बड़े मुकाम हासिल किए हैं। पिछले वर्ष 2021 में मनप्रीत सिंह की कप्तानी में ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद कांस्य पदक जीता था। इसलिए युवा वर्ग में मनप्रीत सिंह को लेकर बहुत क्रेज है। उन्होंने 10 साल की उम्र में ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद जूनियर वर्ग, सीनियर वर्ग, एशियन गेम्स में खेले। मनप्रीत सिंह ने युवाओं को संदेश दिया है कि हमेशा खुद पर विश्वास रखो, तभी जीवन में सफलता हासिल होगी।
ट्रक ड्राइवर के बेटे ने हॉकी में दिखाया कमाल
हॉकी खिलाड़ी वरुण कुमार मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी उपमंडल की ओसल पंचायत के खलंदर गांव निवासी हैं लेकिन वर्तमान में वरुण कुमार व उनका परिवार जालंधर के गांव मिट्ठापुर में रहता है। वरुण ने हॉकी में कामयाबी हासिल की है और टोक्यो ओलंपिक में हॉकी टीम को पदक दिलवाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वरुण के पिता ब्रह्मनंद ट्रक ड्राइवर हैं। उन्हें बचपन से हॉकी खेलने का शौक था, लेकिन परिवार की स्थिति ठीक न होने के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा। वरुण ने युवाओं से कहा कि किसी भी स्थिति में रहकर अपना लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। सिर्फ इरादे पक्के होने चाहिए। इसलिए समस्याओं से घबराने के बजाय हमेशा आगे बढ़ने के प्रयास करते रहने चाहिए।