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पंजाब: भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर बठिंडा पहुंचे, किसानों की खुदकुशी मामले में आप को घेरा

Sun, 01 May 2022 05:50 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)

सार

राजकुमार चाहर ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर किसान नरेंद्र मोदी सरकार के विरुद्ध एक साल से भी ज्यादा समय तक दिल्ली की सीमाओं पर धरना देकर बैठे रहे लेकिन किसी भी किसान भाई के ऊपर केंद्र की मोदी सरकार ने लाठी नहीं बरसाई।
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मृतक किसान के घर पहुंचे भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार चाहर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे में बठिंडा के गांव गहरी बुटटर और बाजक में खुदकुशी कर चुके किसान रमनदीप सिंह और जगदीप सिंह के परिवारों से मुलाकात की। इससे पहले सांसद चाहर ने गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब में गुरु के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु चरणों में पंजाब की शांति, भाईचारे व उन्नति की अरदास की।

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इस दौरान राजकुमार चाहर ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव से पहले कहते थे कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो एक अप्रैल के बाद पंजाब में कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बने डेढ़ माह से ऊपर हो गया और एक अप्रैल के बाद से अभी तक पंजाब के विभिन्न जिलों में 14 किसान खुदकुशी कर चुके हैं लेकिन किसानों की हितैषी होने के बड़े-बड़े दावे करने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने या उनके किसी नेता ने इन पीड़ित किसान परिवारों को मुआवजा देना तो दूर उनकी सुध तक नहीं ली। 

राजकुमार चाहर ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर किसान नरेंद्र मोदी सरकार के विरुद्ध एक साल से भी ज्यादा समय तक दिल्ली की सीमाओं पर धरना देकर बैठे रहे लेकिन किसी भी किसान भाई के ऊपर केंद्र की मोदी सरकार ने लाठी नहीं बरसाई। हमेशा किसान संगठनों के नेताओं को बुलाकर उनसे बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया। 
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उधर, जब पंजाब में उन्हीं किसान भाइयों ने अपनी खराब फसलों के लिए मुआवजा मांगा तो भगवंत मान सरकार ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठियां बरसा दीं। कई किसान बुरी तरह घायल हुए हैं। इसके बाद किसानों को समन भेजे गए। अब किसानों को अपनी फसलों की बिजाई के लिए पानी की आवश्यकता है और भवंत मान सरकार शहरों और गांवों में 12 से 14 घंटे की बिजली कटौती कर रही है। इस सब से दुखी किसान जहां बिजली मंत्री के घर के बहार धरने दे रहे हैं, वहीं सड़कों पर भी धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं।

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