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कमिश्नर ने किया आगाह, कचरा अलग-अलग नहीं हुआ तो नगर निगम को भरना होगा भारी जुर्माना

Thu, 11 Jul 2019 10:22 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में कचरा सेग्रिगेशन जल्द शुरू नहीं हुआ तो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) नगर निगम पर भारी जुर्माना लगा सकता है। जेपी प्लांट ने साफ कर दिया है कि उसे सेग्रिगेट कचरा नहीं मिलता, इसलिए 27 प्रतिशत कचरा ही ले सकता है। यह बात नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने खुद स्वीकार की है।
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उनका कहना है कि हमारी कोशिश है कि जल्द सेग्रिगेट कचरा प्लांट को उपलब्ध कराया जाए। एक ओर जब स्वच्छ सर्वेक्षण लीग में चंडीगढ़ के शामिल होने की सदन में चर्चा चल रही थी तो कमिश्नर ने कहा कि शहर में सेग्रिगेट कचरा इकट्ठा करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

यदि यह काम जल्द नहीं कर सके तो निगम को भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। पिछले पांच माह से जेपी प्लांट शहर का मात्र 27 प्रतिशत कचरा ले रहा है, जबकि कांट्रैक्ट के अनुसार और एनजीटी के निर्देशानुसार प्लांट को 100 कचरा लेकर उसका निस्तारण करना है।
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जब एनजीटी से नोटिस आती है तो प्लांट को कई स्तरों पर फटकार मिलती है, हमें भी उसके साथ नोटिस मिलता है कि सेग्रिगेट कचरा प्लांट को उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, लेकिन इस बार नोटिस नहीं भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है।
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सेग्रिगेट कचरा प्लांट तक पहुंचाना बड़ी चुनौती

कमिश्नर ने कहा कि सेग्रिगेट कचरे को प्लांट तक पहुंचाने के लिए निगम ने अब तक 26 वाहनों को सारंगपुर, खुड्डा जस्सू, बहलाना, रायपुर खुर्द, मक्खनमाजरा, खुड्डा लाहौरा, रायपुर कलां और किशनगढ़ में लगाया गया है। अब गांव का रिस्पांस बहुत अच्छा मिला है, लेकिन सेग्रिगेट कचरे को प्लांट तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है, जिन गाड़ियों में हाइड्रोलिक है उनमें तो सूखा व गीला कचरा इकट्ठा कर प्लांट तक पहुंचा सकते हैं, लेकिन मैनुअली गाड़ियों में यह समस्या है।  

100 गाड़ियों से नहीं होगा काम और मंगाने पड़ेंगे
पार्षदों ने कहा कि जब सौ गाड़ियां कचरा इकट्ठा करने के लिए आ गई हैं तो फिर क्यों समस्या आ रही है। कमिश्नर ने कहा कि इन गाड़ियों का उपयोग निगम में शामिल हुए गांवों में किया जा रहा है। शहर के लिए और गाड़ियों की जरूरत है। जल्द वह भी खरीदी जाएंगी। जितने रुपये गाड़ियां खरीदने में लगेंगे, उससे ज्यादा जुर्माने पर लग जाएंगे, इसलिए जल्द सेग्रिगेट कचरा प्लांट को देना होगा।

स्वच्छता अभियान में भी मिलते हैं नंबर
किसी भी शहर में कचरा किस तरह से निस्तारित हो रहा है, स्वच्छता अभियान में इसके नंबर होते हैं। पिछली बार चंडीगढ़ के 20वें स्थान पर पहुंचने का यह भी एक बड़ा कारण रहा था। अब जब निगम और प्रशासन पर चारों ओर से दबाव पड़ा तो आनन फानन में कचरा सेग्रिगेशन की व्यवस्था की जाने लगी, लेकिन फिलहाल यह योजना सफल होते नहीं दिख रही है।
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