एनडीआरआई में शनिवार (15 फरवरी) से राष्ट्रीय डेयरी मेला शुरू हो रहा है। यह 17 फरवरी तक चलेगा। इसमें एनडीआरआई समेत गेहूं अनुसंधान संस्थान, गन्ना संस्थान, सीएसएसआरआई व एनबीजीएआर की ओर से विकसित की गई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। संस्थान का दावा है कि मेले में करीब 15 हजार किसान व डेयरी उद्योग से जुड़े लोग शामिल रहेंगे।
इस मौके पर गाय, भैंस की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता समेत सुंदरता प्रतियोगिता होंगी। इस बार सांड़ की सुंदरता की प्रतियोगिता नहीं होंगी। इसके अलावा, किसानों के लिए गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा।
एनडीआरआई के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि तीन दिवसीय मेले में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के किसान अपने पशुओं के साथ हिस्सा लेने आते हैं। इसमें पशुपालकों को जहां अपने पशुओं की उत्कृष्टता दिखाने का मौका मिलेगा, वहीं कृषि संबंधी आधुनिक तकनीकियों को जानने का अवसर भी मिलेगा, जिससे किसानों को काफी फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि डेयरी मेले का मुख्य उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का सपना है जिसे साकार करने में पशुपालन अहम भूमिका निभा सकता है। संस्थान के प्रवक्ता डा. राजन शर्मा ने किसानों एवं पशुपालकों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में हिस्सा लें और कृषि एवं पशुपालन से संबंधित आधुनिक तकनीक के बारे में जानें।
महिलाओं के बीच दूध दोहन प्रतियोगिता होगी आयोजित
डा. केहर सिंह कादियान और मेला प्रभारी अमरीश त्यागी ने बताया कि इस तीन दिवसीय मेले में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें पशुओं के अधिक दुग्ध देने की प्रतियोगिता, सौंदर्य प्रतियोगिता, ग्रामीण महिलाओं द्वारा पनीर बनाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा महिलाओं के लिए पशुओं का दूध दोहन प्रतियोगिता भी कराई जाएगी।
16 फरवरी को इस मेले में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कृषि एवं पशुपालन में आ रही समस्याओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। तीसरे दिन विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।