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ऊधम सिंह की निशानियों को वापिस लाने को सरकार ने शुरू की ये कवायद

Tue, 17 Jan 2017 08:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहीद ऊधम सिंह
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इंग्लैंड से शहीद ऊधम सिंह की निशानियां (पिस्तौल, डायरी आदि) को वापस भारत लाने के लिए मोदी सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने ब्रिटेन से संपर्क किया है। सरकार की ओर से अपील की गई है कि शहीद ऊधम सिंह की यह निशानियां भारत के इतिहास का अहम हिस्सा हैं और ऐसे में इन्हें भारत को सौंपा जाए।
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यह जानकारी एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट में सौंपे भारत सरकार के पत्र के माध्यम से दी। एडवोकेट एचसी अरोड़ा और बनूड़ निवासी करणवीर शैंटी थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में शहीद ऊधम सिंह की वस्तुओं को इंग्लैंड से भारत लाए जाने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि भले ही इंग्लैंड में शहीद ऊधम सिंह की वस्तुएं अपराध मामले में केस प्रापर्टी के रूप में जमा हैं, लेकिन भारत सरकार यदि प्रयास करे तो इन्हें वापस लाया जा सकता है।  इससे पहले हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे ऐसे उदाहरण बताएं, जिसके आधार पर हाईकोर्ट इस मामले में केंद्र सरकार को ब्रिटिश सरकार के साथ मामला उठाने के निर्देश जारी कर सकता है।
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याची ने पेश की थी सिंह लीगल फाउंडेशन मामले की जजमेंट

court
याचिकाकर्ता की ओर से सिंह लीगल फाउंडेशन मामले में दी जजमेंट प्रस्तुत की गई। जजमेंट में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे कि वह सिख विद्यार्थियों को पगड़ी पहनकर स्कूल जाने पर लगाई रोक के खिलाफ फ्रांस सरकार के साथ मुद्दा उठाए।

याची ने कहा कि सिख विद्यार्थियों की पगड़ी का मामला हाईकोर्ट की ओर से 2007 में दिए गए निर्देश के आधार पर केंद्र सरकार ने बहुत प्रभावी ढंग से उठाया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा था।

केंद्र सरकार की ओर से अब इस मामले में अपना जवाब दाखिल कर बताया गया कि केंद्र सरकार ने ब्रिटेन सरकार से अनुरोध किया है कि वे कानून में संशोधन पर विचार करें ताकि केस प्रापर्टी के रूप में रखी गई वस्तुएं भारत को दी जा सके।

पत्र में कहा गया है कि शहीद ऊधम सिंह की डायरी व पिस्तौल भारत केइतिहास का हिस्सा हैं और इन्हें वापस दिए जाने के लिए ब्रिटेन प्रयास करे। केंद्र सरकार के इस प्रयास के बाद अब हाईकोर्ट ने इस पत्र को रिकार्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
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