12 पंचायतों के 13 गांवों को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव नगर निगम के सदन में बहुमत से पास हो गया।
भाजपा, अकाली दल और बसपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन कांग्रेस और मनोनीत पार्षदों ने समर्थन किया। भाजपा और अकाली पार्षदों ने सदन में सांसद पवन बंसल और मेयर के विरोध में नारेबाजी की।
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बसपा पार्षद जन्नत जहां ने काले कपड़े चेयर की ओर फेंके। प्रस्ताव पर कांग्रेस पार्षद सत प्रकाश अग्रवाल, डिप्टी मेयर सतीश कैंथ, भाजपा के सतिंदर सिंह, देशराज गुप्ता, बसपा पार्षद जन्नत जहां, अकाली पार्षद हरजिंदर कौर और मलकीत सिंह, मनोनीत पार्षद सुरिंदर बहगा और मेजर डीएस संधू ने बहस में भाग लिया।
टी ब्रेक के बाद जब प्रदीप छाबड़ा को बोलने की इजाजत दी गई तो भाजपा पार्षदों ने सौरभ जोशी को भी बोलने का मौका देने की मांग की। मेयर ने उन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी।
भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि उनके समय मे कटौती कर सौरभ को समय देने की मांग की। जब इस पर भी मेयर नहीं माने तो हंगामा शुरू हो गया।
इसी दौरान मेयर ने प्रस्ताव को पास करवा कर बैठक स्थगित कर दी। भाजपा पार्षदों इससे नाराज हो गए और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़कर सदन में फेक दीं।
मेयर ऑफिस के बाहर नारेबाजी
भाजपा पार्षदों और उनके समर्थकों ने मेयर ऑफिस के बाहर खूब नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उन्हें नीचे आने को कहा, लेकिन वे नहीं आए।
हारकर पुलिस को उन्हें खींचते हुए नीचे लाना पड़ा। भाजपाइयों ने नीचे आकर फिर नारेबाजी कर दी। पुलिस रामबीर भट्टी, जुझार सिंह, भजन माड़ू सहित सात लोगों को थाने ले गई, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।