चंडीगढ़ नगर निगम शहर में ढाबों, बूथों का सर्वे कराने जा रहा है। इस दौरान टीम देखेगी कि शहर में कितने दुकानदार टेबल-कुर्सी लगाकर ग्राहकों को बैठाते हैं। अगले सप्ताह तक यह सर्वे रिपोर्ट निगम के पास आ जाएगी। इसके बाद निगम दुकानों के बाहर टेबल कुर्सी लगाने की पॉलिसी में संशोधन कर रेट तय करेगा।
नगर निगम ने पार्षद महेश इंदर सिंह के सुझावों के आधार पर दुकानों के बाहर टेबल कुर्सी लगाने के लिए कुछ शुल्क तय किए थे। इस शुल्क को निगम सदन की बैठक में लेकर आया था। इस दौरान कई पार्षदों ने कहा कि कई दुकानदार केवल दोपहर में ही काम करते हैं। फिर वह पूरे दिन का शुल्क क्यों देंगे।
इसके अलावा शहर में कितने दुकानदार हैं जो बाहर टेबल-कुर्सी लगाते हैं। उसका सर्वे हो ताकि उसी आधार पर रेट तय किया जाए, क्योंकि अभी कितने लोग टेबल कुर्सी की अनुमति लेते हैं, उसका भी डाटा हमारे पास नहीं है।
सब इंस्पेक्टरों को सर्वे की जिम्मेदारी
ज्वाइंट कमिश्नर सौरभ अरोड़ा ने बताया कि कमिश्नर केके यादव के निर्देश पर शहर में सर्वे में कराएंगे। इस दौरान सभी सब इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी दी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र के ढाबों, रेस्टोरेंट व बूथों की जानकारी देंगे, जहां टेबल-कुर्सी लगाई जाती हैं। इसके बाद क्षेत्रवार सूची बनाकर कमिश्नर को सौंप दी जाएगी। सौरभ अरोड़ा ने कहा कि अगले सप्ताह तक रिपोर्ट आ जाएगी।
रात 8 बजे के बाद प्रशासन की सख्ती, फिर कैसे अनुमति देगा निगम
कोरोना महामारी के कारण प्रशासन ने रात 8 बजे तक ही दुकानें खोलने की अनुमति दी है। निगम के अनुसार दोपहर में 12.30 से 3.30 और शाम को 7 से 10 बजे तक दुकान के बाहर टेबल कुर्सी लगाने की अनुमति देने की योजना बनाई है। निगम पूरे दिन का ही किराया लेगा। कोरोना के कारण लोग भी कम ही दुकानों पर आ रहे हैं। ऐसे में रात के समय दुकानदार कैसे अनुमति लेंगे। इस पर भी निगम को विचार करना होगा ताकि दुकानदारों पर बोझ न पड़े।
क्षेत्रवार तय करेंगे रेट
निगम की सदन की बैठक में जब पार्षदों ने कहा कि हर क्षेत्र का अपना महत्व है। किसी मार्केट में अच्छी खासी भीड़ होती है, कहीं दिनभर लोग ग्राहकों का इंतजार करते हैं। ऐसे में पूरे शहर का एक रेट करना ठीक नहीं है। कमिश्नर ने कहा कि इस पर एक बार चर्चा कर ली जाएगी, ताकि शहर के लोगों के साथ असमानता न रहे।
इंफोर्समेंट विंग की टीम को सर्वे के लिए कहा है। कोरोना महामारी के कारण जो समस्या है अभी उसे देखकर ही निर्णय लेंगे, ताकि दुकानदारों को कोई समस्या न हो।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम