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एलईडी लाइटों से जगमगाएंगे शहर के 16 सेक्टर

Wed, 05 Feb 2014 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक में 7 सौ 80 करोड़ 93 लाख का बजट पास किया। बजट में वर्ष 2014-15 के लिए किसी नए कर का प्रवाधान नहीं रखा गया है।
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इस बजट में योजना मद में 334.40 करोड़ रुपये, जबकि गैर योजना मद में 446.53 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है।

बजट के लिए मेयर हरफूल चंद्र कल्याण की अध्यक्षता में हुई वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बार कोई नया प्रोजेक्ट नहीं लगाया जाएगा।

नगर निगम का अपना लैब और करीब तीन सौ किलोमीटर सड़कें बनेगी। कई अंडर अंडरपास का निर्माण होगा। दो नए कम्युनिटी सेंटर, जिसमें सेक्टर-15 और मलोया में बनेगा।
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सेक्टर-18, 19, 40 और 46 की कम्युनिटी सेंटर का अपग्रेडेशन होगा। शहर की 16 दक्षिणी सेक्टरों के वी-6 रोड की सड़कों की स्ट्रीट लाइट एलईडी होगी। सेक्टर-21 और 22 में पाइप लाइन बदली जाएगी।

सेक्टर-39 की वाटर वर्क्स की एक खराब पड़ी यूजीआर को ठीक किया जाएगा। नगर निगम ने अपनी दुकानों का किराया बढ़ा दिया है। पंपिंग मशीनरी बदली जाएगी।

बैठक में प्रदीप छाबड़ा, सौरभ जोशी, मलकीत सिंह, एमपी कोहली, अनूप सन्नी गिल और नगर निगम कमिश्नर वीपी सिंह उपस्थित रहे।

इस मद में खर्च होगा---------------राशि (लाख रुपये में)
बिल्ड़िग एंड रोड्स----------------8000
सिविक वर्कस------------------3750
सॉलिड बेस्ड मैनेजमेंट---------------2700
प्राथमिक स्वास्थ्य-----------------2200
जल आपूर्ति योजना----------------2600
प्राथमिक शिक्षा------------------1540
सीवरेज----------------------2000
स्टॉर्म ड्रेनेज--------------------750
बिजलीकरण--------------------600
लैंडस्केपिंग/हॉर्टिकल्चर---------------500
ई-गवर्नेंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर-------------270
नॉन रेजिडेंशियल बिल्ड़िग--------------650
मूलभूत सुविधाएं/सर्विस फॉर ईडब्ल्यूएस------1700
गांवों के लिए सुविधाएं----------------900
वार्ड डेवलपमेंट फंड------------------1270
फायर एंड इमरजेंसी सर्विस/डिजास्टर मैनेजमेंट---1200

क्यों तोड़ी एफडी ...
वित्त एवं अनुबंध समिति के सदस्य सौरभ जोशी ने कहा कि यह बजट खयाली पुलाव तरह परोसा गया है। पहले फिक्स डिपोजिट पांच सौ करोड़ रुपये था, अब 364 करोड़ बचा है। यह दुख की बात है।

एमसी का खजाना खाली किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने अपनी गांव में बनी दुकानों का किराया बढ़ा दिया है। साथ ही साथ हर साल पांच प्रतिशत किराया बढ़ाने का प्र्रस्ताव किया है। यह ठीक नहीं है। लोगों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है।

शहर के विकास के लिए सरकार देती है ग्रांट
पूर्व मेयर और वित्त एवं अनुबंध समिति के सदस्य प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि एफडी लोगों की है। एफडी रखने के लिए नहीं है। सरकार ग्रांट देती है शहर के विकास के लिए बैंक में जमा करने के लिए नहीं।

बैठक में प्रदीप छाबड़ा ने कई अहम मुद्दे उठाए। प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि उन्होंने धोबी घाट को आधुनिकीकरण करने, नगर निगम का अपना लैब बनाने, रोड की मशीनरी खरीदने, हाउस इंडिकेटर बोर्ड लगाने की मांग उठाई, जिसे सभी सदस्यों ने पास कर दिया। मलकीत सिंह ने कहा कि दुकानों का किराया बढ़ाया जाना ठीक बात नहीं है।
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