श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रथम प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चरण स्पर्श ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब से नगर कीर्तन सजाया गया। नगर कीर्तन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब की परिक्रमा की।
नगर कीर्तन सुबह साढ़े तीन बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में सजाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब से अरदास के बाद आरंभ हुआ और पवित्र सरोवर की परिक्रमा करते हुए श्री दरबार साहिब में ही संपन्न हुआ।
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नगर कीर्तन के दौरान स्कूल के बच्चों के सुंदर बैंड की धुन ने माहौल को और आनंदमय कर दिया। श्रद्धालुओं की ओर से गुरबाणी का जाप किया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सजाई गई सुंदर पालकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। इस दौरान श्री दरबार साहिब की परिक्रमा में स्थित सातों प्रवेश द्वारों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। परिक्रमा में प्रकाश पर्व को समर्पित अटूट लंगर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। नगर कीर्तन की समाप्ति के बाद अरदास की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप से अमृत समय का पहला हुक्मनामा सुना।
श्री दरबार साहिब को लाइटों से सजाया गया
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब व आसपास के ऐतिहासिक गुरुधामों को लाइटों के साथ सजाया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व जिला प्रशासन की ओर से श्री दरबार साहिब के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।