चंडीगढ़। शहर में शुक्रवार को ‘गुलाब’ पर काफी चर्चा में रहा। रोज फेस्टिवल में आयुक्त अमित कुमार ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को कहा कि इस बार का फेस्ट खास हो गया है, क्योंकि प्रशासक के नाम में गुलाब है और वो खुद इसका उद्घाटन कर रहे हैं। इस पर प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने अपने भाषण में कहा कि उनके नाम में गुलाब है, लेकिन इस पर नहीं जाना चाहिए। उनमें कांटे भी हैं, क्योंकि बिना कांटों के गुलाब नहीं हो सकता। सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन में शुक्रवार को 53वें रोज फेस्टिवल की शुरुआत हो गई। शहरवासी इस फेस्टिवल में 825 किस्म के गुलाब देख सकते हैं। सैकड़ों किस्म के अन्य फूल, पौधे और बोनसाई भी उपलब्ध है। फेस्ट के लिए रोज गार्डन को खास तरीके से सजाया गया है। एंट्री के साथ ही फूलों की महक लोगों को मंत्रमुग्ध कर रही है। शाम को हिमाचली नाटी से म्यूजिकल महफिल सजी।
कटारिया बोले- फेस्ट की तारीख निश्चित कर देनी चाहिए
प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि इस बार का फेस्ट जीरो बजट में हुआ है। अधिकारियों व उनकी टीम ने साबित किया है कि बिना किसी भारी भरकम खर्च के भी किसी कार्यक्रम को ऊंचाइयों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग जुड़ना चाहते हैं, इसलिए बाकी कार्यक्रमों को भी ऐसे ही लोगों की सहभागिता के साथ आयोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोज फेस्टिवल का लोग हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं, इसलिए इसकी तारीख निश्चित कर देनी चाहिए ताकि लोगों को पहले से पता हो कि यह आयोजन कब होगा। अधिकारियों को उद्घाटन करने वाले का इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गार्डन को उनके नाम से न जोड़ा जाए। मजाकिया लहजे में कहा, ‘गुलाब बिना कांटों के नहीं होता, वैसे ही मेरे भी कुछ कांटे हैं।