चंडीगढ़। ट्रिब्यून फ्लाईओवर के निर्माण के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से पूछा है कि सोनीपत बॉर्डर से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच के अंडरपास की तर्ज पर प्रशासन क्यों नहीं अंडरपास बना देता। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इसके साथ ही चंडीगढ़ के मुख्य सचिव को हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की कानूनी स्थिति पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी जगवंत सिंह बाथ ने हाईकोर्ट को बताया कि ट्रिब्यून चौक तक बनने जा रहे फ्लाईओवर के कारण आम के पेड़ों को काटना पड़ेगा, जिसकी इजाजत नहीं है। इसके साथ ही चंडीगढ़ के मास्टर प्लान के अनुसार शहर में फ्लाईओवर का कोई प्रावधान नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि इससे पहले हमने एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्माण पर रोक लगाई थी। इसके बाद याचिका का निपटारा करते हुए रोक हटा दी गई थी।
रोक हटने के बाद शायद प्रशासन की मंशा ही नहीं है कि निर्माण हो। प्रशासन ने बताया कि केंद्र सरकार को संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है और टेंडर की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
याची पक्ष ने कहा कि प्रशासन का शहरी विकास विभाग खुद इस निर्माण का विरोध कर रहा है। चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की मंजूरी के बिना निर्माण नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि आखिर चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की कानूनी स्थिति क्या है। इसे क्या किसी कानून के तहत बनाया गया है। सबसे पहले प्रशासन इसको लेकर स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही यह भी बताया जाए कि इसकी सिफारिशें प्रशासन पर बाध्य हैं या नहीं।