हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में कथित दुराचार की घटनाओं के बारे में सुनवाई कर रही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को बिना तैयारी के पहुंचे हरियाणा सरकार के वकीलों को जमकर फटकार लगाई।
जस्टिस एसएस सरों और जस्टिस गुरमीत राम की डिविजन बेंच द्वारा उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर हरियाणा के एजी बलदेव राज महाजन को बेंच ने अगली सुनवाई पर पूरी तैयारी के साथ आने की ताकीद की। इसके साथ ही अदालत ने हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान न्यायिक अफसरों की सुरक्षा वापस लिए जाने के मुद्दे पर सात जिलों- रोहतक, सोनीपत, झज्जर, जींद, हिसार, भिवानी और कैथल को सेशन जजों से रिपोर्ट तलब की है।
हाईकोर्ट ने आंदोलन की हिंसा के दौरान न्यायिक अफसरों की स्थिति के बारे में ईमेल के जरिए हाईकोर्ट को सूचना देने वाली झज्जर की डीसी अनिता यादव को अगली सुनवाई पर कोर्ट में उपस्थित होकर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान एमिक्स क्यूरे अनुपम गुप्ता ने अदालत को बताया कि मुरथल रेप मामले में उनके पास पीड़ित और गवाहों के आडियो और वीडियो उपलब्ध हैं जबकि हरियाणा पुलिस बार-बार कोई पीड़ित न होने और कोई गवाह नहीं होने का हवाला दे रही है। उन्होंने अदालत से कहा कि उनके पास एक पीड़ित की मां का आडियो क्लिप है जिसमें वे बता रही हैं कि उस रात रेप हुआ था।