करोड़ों रुपये के बजट वाली नगर निगम के पास बिजली जाने पर ट्यूबवेल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। किसी भी ट्यूबवेल में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। इस समय शहर में कजौली वाटर वर्क्स के अलावा 220 पानी के ट्यूबवेल है। जिससे शहर को रोजाना 22 एमजीडी पानी मिलता है। लेकिन बिजली जाने पर ट्यूबवेल नहीं चलता। शहर में घोषित और अघोषित बिजली के कट शुरू हो गए हैं।
ऐसे में सुबह और शाम बिजली जाने पर लोगों को तय समय पर पानी नहीं मिल रहा है। धनास, मलोया मनीमाजरा व शहर के गांवों, कॉलोनियों, दक्षिणी सेक्टरों, सेक्टर-45 के अलावा शहर के अन्य स्थानों पर ट्यूबवेल से ही पानी की सप्लाई हो रही है। जबकि ट्यूबवेलों में जनरेटर लगाने की चर्चा दो साल पहले कई बार वाटर सप्लाई कमेटी और सदन में हो चुकी है। लेकिन अधिकारियों ने इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं बनाया है। बता दें कि कजौली वाटर वर्क्स के चार फेजों से शहर में इस समय 58 एमजीडी पानी की सप्लाई होती है। यहां तक कि प्रेशर बढ़ाने वाले किसी बूस्टर में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है।
बनी बनाई सड़क बना रहा निगम
फॉसवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी का कहना है कि प्रशासन और नगर निगम सेक्टर-9 से 16 को जाने वाली उस सड़क की कारपेटिंग कर रहा है, बिल्कुल सही हालत में है। नगर निगम बेवजह लाखों रुपये बर्बाद कर रहा है। जबकि जिन पर खर्च करने की जरूरत है वहां खर्च नहीं कर रहा है। हर ट्यूबवेल पर जनरेटर लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि बिजली जाने पर कम से कम पानी तो लोगों के घर पर पहुंच जाए।
डीजल चोरी के डर से नहीं लगाया जनरेटर
वाटर सप्लाई कमेटी के पूर्व चेयरमैन डीएस संधू का कहना है कि दो साल पहले अधिकारियों को ट्यूबवेलों पर जनरेटर लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा था। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि इससे जनरेटर से डीजल चोरी होने के नए मामले आएंगे।
कम से कम मोबाइल जनरेटर खरीद लें
डड्डूमाजरा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र चौधरी का कहना है कि हर गर्मियों में बिजली की दिक्कत रहती है। कम से कम नगर निगम को कुछ मोबाइल जनरेटर खरीद लेने चाहिए। ताकि जहां बिजली जाए, वहां जनरेटर भेजकर पानी की सप्लाई तो शुरू की जा सके।
सेक्टर-32 जीएमसीएच के रेजिडेंश्यल एरिया में नहीं पानी
मंगलवार सुबह सेक्टर-32 के जीएमसीएच के रेजिडेंशियल एरिया में लोगों को पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ा। जबकि वार्ड पार्षद हीरा नेगी ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। साथ ही सेक्टर-22 और 23 में भी पानी का लो प्रेशर रहा।