- उद्योगों में हरियाणा के अकुशल श्रमिकों को 75 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। ये अनिवार्य होगा। मगर इस संदर्भ में विधानसभा में कोई बिल लाया जाएगा, ये भी अभी तय नहीं है। सर्वे भी होगा, कौन उद्योग इस आरक्षण का लाभ दे रहा है या नहीं।
- अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल के पीजी पाठ्यक्रमों में नियमित आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
- वर्ष 2020-21 का बजट तैयार करने के लिए विभिन्न स्टेक होल्डर्स और विधायकों से विचार-विमर्श करने की पहल की गई है।
- एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज को अभी तक औद्योगिक दरों पर बिजली दी जाती थी, जिसे अब 4.75 रुपये प्रति यूनिट किया जा रहा है।
- जींद में 664 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दी गई है।
- हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां ट्रीटेड वेस्ट वाटर का दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा।
- सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर बड़वासनी में 200 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी की स्वीकृति दी गई है।
- बहादुरगढ़ में 124.33 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास स्वीकृत किया गया है।
- 282 करोड़ रुपये की लागत से 11 आरओबी, आरयूबी और पुलों का निर्माण कार्य अलॉट किया गया है।
- वृद्धावस्था सम्मान भत्ता व अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2000 रुपये मासिक से बढ़ाकर 2250 रुपये मासिक किया।
- गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की अनूठी पहल की गई है। अब लोग लाल डोरे के अंदर की सम्पत्तियों की भी खरीद फरोख्त कर सकेंगे। करनाल जिले का सिरसी गांव प्रदेश का पहला लाल डोरा मुक्त गांव बना है। 15 जिलों के 75 गांवों की मैपिंग का कार्य शुरू हो चुका है।
कुरुक्षेत्र में बनेगा गुरु रविदास धाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश पीर-पैगम्बरों व साधु-संतों व महापुरुषों की धरा रही है। इस अवसर पर उन्होंने धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र में 5 एकड़ जमीन में गुरु रविदास धाम बनाने की घोषणा भी की ताकि युवा पीढ़ी गुरु रविदास की शिक्षाओं से सीख ले।
सीएम और डिप्टी सीएम ने धान खरीद में घोटाले को नकारा
हरियाणा में धान खरीद घोटाले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सिरे से नकार दिया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि धान खरीद में घोटाला नहीं, अनियमितताएं हुई हैं। राइस मिलों के भौतिक सत्यपान में खरीद और स्टॉक में पाया गया अंतर बहुत ही कम है। 42 हजार मीट्रिक टन का अंतर कुछ भी नहीं।
मिलर्स के साथ हुए एग्रीमेंट में स्टॉक में अंतर पर दो प्रतिशत तक छूट है। जो धान सत्यापन के समय कम मिला है, वह दो प्रतिशत से कम ही है। सरकार ने राइस मिलर्स के 760 करोड़ रुपये रोककर रखे हुए हैं। अगर किसी मिलर्स के स्टॉक का अंतर दो प्रतिशत से अधिक पाया जाता है तो रिकवरी लेकर रहेंगे।
प्रदेश सरकार ने तीन बार राइस मिलों का भौतिक सत्यापन कराकर मिसाल कायम की है। ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। सीएम मनोहर लाल ने धान खरीद घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हुड्डा अगर लिखकर दें तो वे बीते दस साल में हुई धान खरीद की जांच सीबीआई से करा देंगे।
पूरा रिकॉर्ड चेक कराया जाएगा। पूर्व सरकार के समय तो 63 हजार मीट्रिक टन तक भी खरीद और स्टॉक में अंतर मिलता रहा है। सीएम और डिप्टी सीएम के ताजा रुख के बाद अब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लिए असमंजस की स्थिति बन सकती है। चूंकि, विभाग ने 1207 मिलर्स को नोटिस देने के बाद जवाब न देने वाले डिफाल्टर मिलर्स और उनके गारंटर से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।