चेतक स्कूटर पर चंडीगढ़ से परवाणू तक का सफर काटते समय आदर्श भाटिया को यह नहीं मालूम था कि कभी अपनी भी कोई इंडस्ट्री होगी। एकदम से बदलाव आया और खुद की फार्मास्युटिकल फायल इंडस्ट्री लगा दी। आदर्श भाटिया ने साल 2005 में फार्मा इंडस्ट्री के लिए फायल बनाने की अपनी इंडस्ट्री शुरू की।
आदर्श भाटिया ने बताया कि उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में 1995 में पैकेजिंग इंडस्ट्री में काम शुरू किया। फिर वर्ष 2002 में परवाणू की एक पैकेजिंग इंडस्ट्री में जीएम के पद पर काम किया। वर्ष 2005 में आशना इंटरप्राइजेज के नाम से अपनी इंडस्ट्री लगाई। बस यहीं से चेंज आया।
उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री नई थी, उनका अनुभव काफी था। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग की और उनकी इंडस्ट्री के क्लाइंट बनना शुरू हो गए। उन्होंने कहा किसी भी इंडस्ट्री में चैलेंज तो होते हैं ही लेकिन चैलेंज को फेस करना ही सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमको हमेशा चौकस रहना होता है।
भाई का साथ भी मिला
आदर्श भाटिया ने बताया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री लगाई तो भाईयों का साथ खूब मिला। उन्होंने कहा कि भाई मंदीप भाटिया इंडस्ट्री में उनके साथ आ गए। भाई के आने से उनकी मार्केटिंग तो बढ़ी ही साथ ही कई अन्य लाभ भी इंडस्ट्री को हुए।
बेटी ने बदल दी किस्मत
आदर्श भाटिया ने कहा कि उनकी बेटी के जन्म के बाद उनकी लाइफ एकदम बदल गई। उन्होंने बताया कि पहले वह परवाणू में जॉब करते थे और स्कूटर से चलते थे। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि अपनी इंडस्ट्री लगाएंगे। बेटी आशना के जन्म के बाद एकदम से बदलाव आया और सारा कुछ चेंज हो गया।
आदर्श भाटिया, पंचकूला इंडस्ट्री
स्कूलिंग-मानव मंगल स्कूल
12वीं -गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-27
जीएम-परवाणू पैकेजिंग इंडस्ट्री
मदीप भाटिया
स्कूलिंग-मानव मंगल स्कूल
12वीं-गवर्नमेंट माडल स्कूल सेक्टर-35
ग्रेजुएशन-यूनिवर्सिटी से कारेंसपांडेंस
युवाओं के लिए टिप्स
1-इंडस्ट्री लगाने के लिए खुद की जानकारी जरूरी।
2-उपभोक्ता सबसे महत्वपूर्ण हैं, उनका ध्यान रखें।
3-इंडस्ट्री लगाने के पहले अपना बजट बना लीजिए।
4-इंडस्ट्री चाहे कोई भी हो, मार्केटिंग सबसे जरूरी है।
5-टैक्स और अन्य करों के बारे में जानकारी जरूरी।