पहले आर्डिनेंस फैक्टरी में जॉब फिर पंजाब स्टेट स्माल इंडस्ट्री कारपोरेशन में कंसल्टिंग इंजीनियर और अब ट्राइसिटी के एक सफल उद्यमी। यह हैं एएल अग्रवाल। जिन्होंने न सिर्फ अपने उद्योग को लगाया बल्कि पंजाब की कई लघु इकाइयों का उद्धार करने में एक सफल भूमिका निभाई।
एएल अग्रवाल ने पहले चंडीगढ़ में अपनी नटबोल्ट की इंडस्ट्री टेकमैन इंडिया की स्थापना की और इसके बाद पंचकूला में बेटे की इंडस्ट्री टेकमैन इंटरप्राइजेज लगवाई। एएल अग्रवाल बताते हैं कि जब उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग पूरी की तो आर्डिनेंस फैक्टरी में काम करने लगे। वहां उन्होंने 13 वर्ष तक सेवाएं दीं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 में आर्डिनेंस फैक्टरी छोड़ी और पंजाब स्टेट स्माल इंडस्ट्री कारपोरेशन में बतौर कंसल्टिंग इंजीनियर काम शुरू किया। यहां उनका काम लघु उद्योगों को नई टेक्नोलॉजी से अपग्रेड करवाना और मार्डनाइज करना रहा। पंजाब में करीब 120 यूनिट थीं, जिनकी रिपोर्ट तैयार करना, नई यूनिट्स के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कीं और बीमार इकाइयों के पुर्नउत्थान के लिए रिपोर्ट बनाई।
उन्होंने बताया कि इस जॉब के बाद अपना कंसल्टेंसी का प्रोफेशन शुरू किया। वर्ष 1983 में अपनी नटबोल्ट की इंडस्ट्री लगाई। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री लगाने में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक की मदद ली। उन्होंने बताया कि जिस समय इंडस्ट्री लगाई उस समय थोड़ा चैलेंज रहा।
उन्होंने बताया कि उनका प्रोडक्ट जनरल हार्डवेयर मार्केट, इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के साथ ट्रांसमिशन लाइंस के हार्डवेयर और माइक्रोवेव टावर्स के लिए उपयोग किया जाता है। उसके बाद पंचकूला में भी अपनी इंडस्ट्री लगा दी।
स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग करवाते हैं
एएल अग्रवाल ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट सबसे आवश्यक है। वह कई इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट देश के लिए सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री और इंस्टीट्यूट्स के बीच की खाई बड़ी परेशानी बनती जा रही है। इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग के दौरान ही यदि स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री के अनुसार तैयार किया जाए तो बेहतर है।
मार्केटिंग बन गई है यहां समस्या
एएल अग्रवाल ने बताया कि जब उन्होंने अपना काम शुरू किया तो प्रोडक्ट की मार्केटिंग उनके लिए सबसे बड़ी समस्या रही। खैर, किसी तरह से टीम बनाई और एक सधी हुई प्लानिंग के तहत काम शुरू किया। फिर धीरे धीरे उनका प्रोडक्ट मशहूर होने लगा।
बेटे ने दिया साथ, लगाई इंडस्ट्री
एएल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटा स्कूल और कालेज की पढ़ाई कर चुका तो उसने पंजाब इंजीनियरिंग कालेज से मैटलर्जी में इंजीनियरिंग की। उसके बाद बेटे को भी अपने साथ ही काम में लगा लिया। बेटे को लेकर ही अब पंचकूला में नटबोल्ट की इंडस्ट्री लगाई।
प्रोफाइल
नाम-एएल अग्रवाल
स्कूलिंग-गवर्नमेंट हाईस्कूल मनीमाजरा
कालेज-गवर्नमेंट कालेज सेक्टर-23 चंडीगढ़
सेंट्रल पालीटेक्निक चंडीगढ़-मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
एएमआईई-इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियरिंग कोलकाता
इंडियन आर्डिनेंस फैक्ट्री में सर्विस-वर्ष 1963 से वर्ष 1976
पंजाब स्टेट स्माल इंडस्ट्री कारपोरेशन में कंसल्टिंग इंजीनियर
प्रोफाइल
रोहित अग्रवाल
स्कूलिंग-न्यू पब्लिक स्कूल सेक्टर-18
कालेज-डीएवी कालेज सेक्रट-10 चंडीगढ़
पंजाब इंजीनियरिंग कालेज से मैटलर्जी में इंजीनियरिंग
स्टार्टअप के लिए टिप्स
1. प्रोजेक्ट फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रेक्टिकल होनी चाहिए।
2. इंडस्ट्री में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करें।
3. कितनी लेबर की आवश्यकता, मार्केटिंग कैसे होगी।
4. वित्तीय विकल्पों को अवश्य समझ लें। लेटेस्ट स्कीम की जानकरी जरूरी।
5. अपने प्रोजेक्ट को अप्रूव करवाएं, क्वालिटी कंट्रोल रखें।
6. अपने प्रोडक्ट को आईएसआई मार्क जरूर करवाएं, वैल्यू बनेगी।
6. उपभोक्ताओं का गहन अध्ययन करें, बिना इसके सब बेकार।
7. वर्किंग कैपिटल, प्रोडक्शन प्लानिंग और इंवेंट्री कंट्रोल करें।
8. आधुनिक नियमों की जानकारी रखना सबसे आवश्यक।